सिविल सर्जन कार्यालय में पहुंची एंबुलेंस।
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स्वास्थ्य विभाग अटल जननी वाहिनी सेवा शुरू करने जा रहा है। गर्भवती को सरकारी अस्पताल में आने के लिए धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अस्पताल आना है तो उसे सिर्फ एंबुलेंस कंट्रोल रूम में फोन करना होगा। एंबुलेंस घर पर पहुंचेगी और उसे अस्पताल लेकर जाएगी। यहां पर जांच करवाने के लिए उसे वापस घर छोड़कर आएगी। ये ही नहीं डिलिवरी होने के बाद उसे वापस घर पर छोड़कर आएगी। यहां तक कि शिशु को भी एक साल तक अस्पताल लेकर आने और छोड़कर आने की सुविधा मिलेगी।
अटल जननी वाहिनी सेवा के लिए जिले को सात नई एंबुलेंस मिली हैं। हालांकि अभी योजना कब शुरू होती है ये तय नहीं है। स्वास्थ्य विभाग जिलों को एंबुलेंस पहुंचा रहा है। बताया जा रहा है कि सभी जिलों में एंबुलेंस पहुंचने के बाद ये सेवा शुरू होगी। स्वास्थ्य विभाग गर्भवती को एंबुलेंस सेवा दे रहा है। लेकिन ये सुविधा सिर्फ डिलिवरी के समय मिल रही है। डिलिवरी से पहले एंबुलेंस गर्भवती को लेकर आती है और डिलिवरी होने के बाद वापस छोड़कर आती है। लेकिन इसके लिए नियम लागू कर रखे हैं। नार्मल डिलिवरी में गर्भवती को तीन दिन तक अस्पताल में रुकना जरूरी है, इसके अलावा सिजेरियन डिलिवरी में सात दिन तक अस्पताल में रुकना होता है।
जिले में एंबुलेंसों की संख्या होगी 25, लेकिन कम है कॉल
स्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद के पास अब एंबुलेंसों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। 18 एंबुलेंस पहले विभाग के पास है। अहम बात यह है कि एंबुलेंसों के हिसाब से कंट्रोल रूम में कॉल कम है।
जानिए क्या है स्थिति
नागरिक अस्पताल : 3
सीएचसी : 5
पीएचसी : 18
अर्बन पीएचसी : 3
जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डिलिवरी : 18 हजार (प्रति वर्ष)
एंबुलेंसों की संख्या : 25
कोट
गर्भवती को सुविधा देने के लिए जिले को सात नई एंबुलेंस मिली है। गर्भवती को नियमित जांच से लेकर डिलिवरी तक और उसके बाद घर छोड़ने की सुविधा मिलेगी। गर्भवती को किसी तरह की परेशान न हो, इसलिए स्वास्थ्य विभाग ये सुविधा दे रहा है।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।