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नागरिक अस्पताल के लेबर रूम से एमटीपी किट चुराकर 1100 रुपये में बेचते हुए जीडीए को पकड़ा

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जिला नागरिक अस्पताल के अंदर सरकारी गर्भपात किट बेचने का पर्दाफाश हुआ है। नागरिक अस्पताल की महिला आउटसोर्सिंग कर्मचारी (जीडीए) रितु को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एमटीपी किट बेचते हुए पकड़ा है। महिला कर्मचारी 1100 रुपये में गर्भवती को अस्पताल के अंदर ही एमटीपी किट बेच रही थी। हालांकि इसमें रुपये बरामद नहीं हुए है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है जो एमटीपी किट बेची जा रही थी वह सरकारी थी और उसे नागरिक अस्पताल की लेबर रूम से चुराया गया था। मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करने के बाद पुलिस को मामला सौंप दिया।
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मामले के मुताबिक सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में एमटीपी किट बेचने का काम चल रहा है। शुक्रवार को आजाद नगर निवासी एक महिला जो कि पांच सप्ताह की गर्भवती है वह आशा वर्कर के साथ नागरिक अस्पताल में एमटीपी करवाने के लिए आई थी। डॉक्टर ने महिला की जांच करवाई जिसमें समय लग गया और उसे शनिवार को बुलाया गया। शनिवार को डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं थी। इस दौरान अस्पताल की महिला कर्मचारी जीडीए ने आशा वर्कर को कहा कि वह चक्कर क्यों काट रहे हैं उन्हें एमटीपी किट वह दिलवा देती है लेकिन इसके लिए 1200 रुपये चुकाने होंगे लेकिन 1100 रुपये में सेटिंग हो गई। इसके बाद रविवार को भी जीडीए रितु ने आशा वर्कर से संपर्क किया और सोमवार को किट देने के लिए बुलाया। आशा वर्कर ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। महिला कर्मचारी को मौके पर पकड़ने के लिए टीम का गठन किया जिसमें उप सिविल सर्जन डॉ. संगीता अबरोल, डॉ. गिरीश, मेजर डॉ. शरद तुली, जिला को-ऑर्डिनेटर नरेंद्र खरब को शामिल किया गया। आशा वर्कर महिला मरीज को लेकर जब नागरिक अस्पताल में आई। यहां पर महिला कर्मचारी ने जैसे ही गर्भवती को एमटीपी किट दी तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ लिया। सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण का कहना है कि इसको लेकर महिला कर्मचारी ने रुपये का लेनदेन किया था।
टीम ने जब बरामद की गई एमटीपी किट की जांच की तो पता चला कि यह सरकारी गर्भपात किट है। पूछताछ में महिला कर्मचारी ने बताया कि उसने लेबर रूम से एमटीपी किट चुराई थी। चार गोलियां उसने लेबर रूम से तथा एक गोली वह अपनी पड़ोसन से लेकर आई थी।
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नागरिक अस्पताल की लेबर रूम में गर्भपात किट का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था। यहां तक कि गर्भपात किट को अलमारी में रखने की जगह यूं ही फैंका जा रहा था जिसे कोई भी कर्मचारी आसानी से उठाकर ले जा सकता है। सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण ने खुद माना है कि लेबर रूम में विशेष दवाइयों को भी संभाल कर नहीं रखा जा रहा था। यही कारण है कि यहां किट चोरी हुई है।
पंजाब में लिंग जांच पकड़ रही टीम, घर पर ही चल रहा था खेल :
गर्भ में लिंग जांच गिरोह को पकड़ने के लिए फतेहाबाद के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन दिन पहले पंजाब के करतारपुर में कार्रवाई को अंजाम दिया था। यहां पर गिरोह के एक सदस्य को पकड़ा गया था जो कि लिंग जांच करवाता था। लेकिन फतेहाबाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को ये नहीं पता था कि उनके अस्पताल में ही अवैध गर्भपात का धंधा चल रहा है।
नागरिक अस्पताल में एमटीपी किट बेचने की सूचना हमें आशा वर्कर से मिली थी, इसके बाद टीम का गठन किया गया था। अस्पताल की महिला कर्मचारी द्वारा एमटीपी किट देते हुए पकड़ा है। इसको लेकर रुपयों का भी लेनदेन हुआ है। पूछताछ में सामने आया है कि महिला कर्मचारी ने लेबर रूम से किट चुराई थी। फिलहाल मामले की जांच चल रही है कि पहले भी किट चुराई गई है या नहीं, इसके अलावा महिला के साथ अन्य कौन कर्मचारी शामिल है। - डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन।
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