कोरोना टीकाकारण अभियान में सरकार ने सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को शामिल किया ताकि पहले उन्हें महामारी से बचाया जा सके। लेकिन टीकाकरण को लेकर फ्रंटलाइन वर्कर्स गंभीर नहीं है। 55 फीसदी फ्रंटलाइन वर्कर्स ने ही कोरोना से बचाव का अब तक टीका लगवाया है। स्वास्थ्य विभाग के ये आंकड़े खुद बया कर रहे हैं।
हालांकि स्वास्थ्यकर्मी टीकाकरण अभियान को शत प्रतिशत पूरा करने के नजदीक पहुंच चुके हैं। लेकिन फ्रंटलाइन वर्कर्स टीकाकरण को लेकर गंभीर नहीं है। जिले में स्वास्थ्य विभाग ने फ्रंटलाइन वर्कर्स के तौर पर करीब 4240 पात्रों को शामिल किया। इसमें पुलिसकर्मी, नगर निकाय कर्मचारी एवं उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारी शामिल थे। लेकिन जानकर हैरानी होगी कि अब तक मात्र 2360 पात्रों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। 1116 फ्रंटलाइन वर्कर्स ही ऐसे हैं जिन्होंने दूसरा टीका लगवा लिया है।
टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स कितने गंभीर
कर्मचारी कुल पात्र पहली डोज दूसरी डोज
स्वास्थ्यकर्मी 4977 4748 3605
फ्रंटलाइन वर्कर्स 4240 2360 1116
72 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों ने दूसरा टीका भी लगवाया
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 4977 स्वास्थ्यकर्मी टीकाकरण के लिए चयनित किए गए। इसमें से अब तक 4748 पात्र टीका की पहली खुराक ले चुके हैं। इसके अलावा 3605 ने दूसरी खुराक भी ली है।
टीकाकरण में पुलिसकर्मी आगे निकले बाकी कर्मचारी पीछे
जिले में फ्रंटलाइन वर्कर्स के तौर पर करीब 4240 पात्रों को सूची में शामिल किया गया। इसमें करीब 1200 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इसके अलावा नप कर्मचारी, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग कर्मचारी व उपायुक्त कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। अब तक करीब 1050 पुलिसकर्मी टीका की पहली डोज लगवा चुके हैं।
कोट
कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार बेहतर प्रयास कर रही है। लोगों को टीका लगवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। फ्रंटलाइन वर्कर्स जो रह गए हैं उन्हें भी टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
- डॉ. सुनीता सोखी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।