फतेहाबाद। पिछले साल लंपी स्किन संक्रमण के कारण गोवंश की हुई मौत व गायों के संक्रमित होने तो देखते हुए पशुपालन विभाग पहले से ही तैयार हो गया है। विभाग के पास फिलहाल 2600 वैक्सीन उपलब्ध हैं और अगर यह संक्रमण पशुओं में फैलता है तो आगे वैक्सीन मंगवाई भी जाएंगी। ज्ञात रहे कि पिछले साल पंजाब व राजस्थान से आए इस संक्रमण के कारण फतेहाबाद में गोवंश भी प्रभावित हुआ था।
फतेहाबाद में पिछले साल राजस्थान व पंजाब में फैला लंपी संक्रमण फतेहाबाद में भी पहुंच गया था। फतेहाबाद में यह संक्रमण गायों में अधिक रहा। शुरुआती तौर पर पशुपालन विभाग ने अपने स्तर पर इस संक्रमण पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन संक्रमण बढ़ता गया। अगस्त 2022 में यह संक्रमण काफी फैल गया था और हजारों की संख्या में गोवंश इसका शिकार होने लगा था। इसके बाद पशुपालन विभाग ने गुजरात से वैक्सीन मंगवाई और पशुओं को इस संक्रमण से बचाने के लिए उनको टीकाकरण आरंभ किया गया।
लंपी स्किन संक्रमण के कारण पिछले साल 150 गायों की मौत हो गई थी और तीन हजार गायों में इसका संक्रमण पाया गया था। विभाग की ओर से फतेहाबाद में एक लाख 68 हजार गोधन को लंपी की वैक्सीन लगाई गई थी। इस बार भी लंपी के फैलने के खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग तैयार है। विभाग ने इसके लिए पहले से तैयारी कर ली है।
विभाग के पास पहले से उपलब्ध 2600 डोज लंपी की एक वैक्सीन से तीन पशुओं को डोज लगाई जाती है। इस समय 2600 वैक्सीन उपलब्ध हैं, यानि अगर संक्रमण फैलता है तो 7800 पशु एक समय में कवर हो जाएंगे। विभाग के अनुसार, आगे आवश्यकता पड़ने पर वैक्सीन भी मंगवाई जाएगी।
कोट
पिछले साल पड़ोसी राज्यों में फैले लंपी संक्रमण का असर फतेहाबाद में भी हुआ था। इस संक्रमण के चलते फतेहाबाद में भी पशुओं पर असर हुआ था, लेकिन इस बार हमने पहले से तैयारी की हुई है। 2600 वैक्सीन फिलहाल उपलब्ध हैं और अगर आगे संक्रमण बढ़ा तो और वैक्सीन मंगवा ली जाएंगी।
-डॉ. सुखविंद्र सिंह, उप निदेशक पशुपालन विभाग, फतेहाबाद