बड़ोपल सीएचसी में मरीजों को दी जा रही एक्सपायर हो चुकी दवाइयां।
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फतेहाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ोपल में मरीजों को एक्सपायर दवाइयां देने का मामला सामने आया है। मरीजों व उनकी तीमारदारों ने इसको लेकर अस्पताल में हंगामा किया और डिस्पेंसरी में पहुंचे। तीमारदारों ने कहा कि अगर मरीज एक्सपायर हो चुकी दवा खा लेते तो इसका जिम्मेदार कौन होगा, इसको लेकर गहमागहमी हुई। डिस्पेंसरी में मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि एक्सपायर दवाई से दुष्प्रभाव नहीं होगा, दवा के असर की क्षमता कम हो सकती है।
मरीज और उसके तीमारदारों ने इसको लेकर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी की है। वायरल वीडियो में व्यक्ति ने बताया कि 12 साल की लड़की को दवाई दिलवाने के लिए अस्पताल में लाए थे। डॉक्टर ने जो दवाई लिखी उसे अस्पताल की डिस्पेंसरी से लिया। डिस्पेंसरी में मौजूद कर्मचार ने एक्सपायर हो चुकी दवाई दे दी। दवाई अप्रैल 2019 में बनी थी और मार्च 2022 में एक्सपायर हो गई। जब उन्होंने देखा तो वह डिस्पेंसरी में गए और कर्मचारियों को इस संबंध में जानकारी दी। लेकिन कर्मचारियों ने तर्क दिया कि एक्सपायर दवाई से कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा उसका असर कम हो सकता है। इसको लेकर तीमारदार और डिस्पेंसरी में मौजूद कर्मचारी के बीच गहमागहमी भी हुई।
कोट
अस्पताल में एक्सपायर दवाई देने की मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। इस संबंध में वहां के इंचार्ज से जानकारी ली जाएगी।
-डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।