फतेहाबाद। आखिरकार सात साल बाद फतेहाबाद जिले की प्रदेश के मंत्रिमंडल में पहुंच हो गई है। टोहाना से जननायक जनता पार्टी के विधायक देवेंद्र सिंह बबली को जजपा कोटे से मंत्री पद मिलेगा। वह मंगलवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान शपथ लेंगे। खास बात यह है कि एक बार फिर मंत्री पद टोहाना के हिस्से ही आया है। कांग्रेस की भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली सरकार में भी टोहाना से ही विधायक रहे परमवीर सिंह कृषि मंत्री बनाए गए थे। वह साल 2014 तक मंत्री रहे। इसके बाद 2014 के विधानसभा चुनाव में पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनी। मगर तब टोहाना से विधायक बने सुभाष बराला मंत्री नहीं बनाए गए बल्कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी।
सोशल मीडिया पर चलती रही सूचना, देर शाम को हुई पुख्ता
मंगलवार को मंत्रिमंडल विस्तार की जानकारी आने के साथ ही सोशल मीडिया में जजपा कोटे से देवेंद्र सिंह बबली के मंत्री बनने की सूचनाएं चलने लगी। इसके बाद उनके समर्थकों में उत्साह नजर आया। मगर इसकी कोई पुख्ता सूचना नहीं होने के कारण जश्न जैसा माहौल नहीं बन पाया। देर शाम तक भी बबली के आवास या टोहाना में मंत्री बनने के जश्न की कोई विशेष तैयारी नहीं हुई।
सामाजिक संस्था के जरिये जनता में बनाई पैठ
देवेंद्र सिंह बबली ने अपना राजनीतिक करियर सामाजिक संस्था जागो दिशा सही-सोच नई के जरिये शुरू किया था। उन्होंने गांव-गांव में शिविर लगाकर बुजुर्गों की आंखों की जांच करवाई और जरूरतमंदों के ऑपरेशन भी करवाए। इसके अलावा सामाजिक कार्यक्रमों से लेकर युवाओं को प्रोत्साहित करने के कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए देवेंद्र सिंह बबली ने जनता में अपनी पैठ बनाई। इसके बाद उन्होंने राजनीति की ओर रुख कर लिया।
तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को 52 हजार वोटों से हराया
साल 2019 के विधानसभा चुनाव में देवेंद्र सिंह बबली कांग्रेस से टिकट के प्रमुख दावेदार थे। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर भी उनकी पैरवी कर रहे थे। मगर आखिरी वक्त में पूर्व मंत्री परमवीर सिंह को ही कांग्रेस की टिकट मिली। पहले से ही मजबूत दावेदार तलाश रही जननायक जनता पार्टी ने तत्काल टिकट देवेंद्र सिंह बबली को थमा दी। जबरदस्त मुकाबले में देवेंद्र बबली ने तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को 52 हजार 302 वोटों से करारी शिकस्त दी थी। 2019 के चुनाव में देवेंद्र बबली को एक लाख 752 वोट मिले थे जबकि दूसरे नंबर पर रहे सुभाष बराला को 48 हजार 450 वोट मिले थे। इससे पहले बबली ने साल 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें वह 38 हजार 282 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
दादा रहे हैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथी
विधायक देवेंद्र बबली स्वतंत्रता सेनानी परिवार से संबंध रखते हैं। उनके दादा कैप्टन उमराव सिंह नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथी रहे हैं। आजाद हिंद फौज में उन्होंने नेताजी के साथ काम करते हुए देश को आजाद दिलाने में अपना योगदान दिया है।
ट्रांसपोर्ट के बिजनेस से बढ़ाई संपत्ति
टोहाना के गांव बिढाईखेड़ा के निवासी देवेंद्र सिंह बबली यूं तो किसान परिवार से संबंध रखते हैं और शुरुआती दौर से ही उनका संपन्न परिवार रहा है। देवेंद्र बबली तीन भाईयों में सबसे बड़े हैं। उनके दो और भाई विनोद व मनोज बबली हैं, जो उनके साथ ही रहते हैं। मगर ट्रांसपोर्ट के बिजनेस से देवेंद्र बबली ने अपनी संपत्ति को बढ़ाया। धीरे-धीरे उनका नाम टोहाना ही नहीं बल्कि फतेहाबाद जिले के बड़े उद्योगपतियों में शामिल हो गया।
टोहाना से ही हैं जजपा प्रदेशाध्यक्ष
जजपा के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह भी टोहाना क्षेत्र से ही हैं। वहीं, इसी क्षेत्र से पहले भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रहे सुभाष बराला होने के कारण टोहाना की सियासत में पिछले दो सालों से त्रिकोणीय स्थिति रही है। यहां के प्रशासनिक कार्यों में भी देवेंद्र बबली, सुभाष बराला व निशान सिंह का हस्तक्षेप रहता है। हालांकि, विधायक बनने के बाद भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार बनने पर भी देवेंद्र सिंह बबली भाजपा नेता सुभाष बराला के प्रति काफी आक्रामक रहे हैं।
:: विधायकजी चंडीगढ़ ही हैं। हम सुबह चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगे। जश्न मंगलवार को शपथ लेने के बाद ही मनाया जाएगा।
निशांत कामरा, निजी सचिव, विधायक देवेंद्र बबली