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आखिर 186 बच्चों को कब मिलेगी मदद, कोई गाइडलाइन नहीं

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जिला बाल संरक्षण कार्यालय। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। कोरोना महामारी के दौरान अपने मां-बाप में से एक को खो चुके 186 बच्चों को अभी भी मदद का इंतजार है। केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से इन बच्चों के लिए अभी तक मदद को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं आई है। सर्वे के दौरान 194 बच्चे सामने आए थे, इसमें 186 बच्चे ऐसे थे जिन्होंने एक को खोया है तथा 8 बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने इस महामारी के दौरान दोनों को खो दिया।
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केंद्र और राज्य सरकार मदद के लिए आगे आई। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत इन आठ बच्चों को हर माह ढाई हजार रुपये आर्थिक मदद देनी शुरू कर दी है। यहां तक कि पढ़ाई के लिए सात बच्चों को 12 हजार रुपये मिल चुके हैं। लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। जिला बाल संरक्षण कार्यालय केंद्र सरकार को रिपोर्ट भी भेज चुका है। केंद्र और राज्य सरकार ने जिलों से रिपोर्ट मांगी थी कि कोरेाना महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने मां-बाप या फिर एक को खोया है तो उसका सर्वे किया जाए। इस सर्वे में 194 में से 186 बच्चे ऐसे मिले जिन्होंने दोनों में से एक को खोया है। लेकिन बच्चों को मदद के नाम पर भी कुछ नहीं मिला है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन बच्चों को लेकर सर्वे चल रहा है, विभाग की योजना स्पॉनसरशिप के तहत दो हजार रुपये मदद मिल सकती है।
कोरोना मां-बाप खो चुके बच्चों को पढ़ने के लिए मिलेंगे टैब
कोरोना महामारी के दौरान मां-बाप खो चुके बच्चों को पढ़ने के लिए विभाग की तरफ से टैब भी दिए जाएंगे। कक्षा 9 से 12 में पढ़ रहे बच्चों को टैब मिलेंगे। जिले में 8 में से 3 ऐसे बच्चे हैं।
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भाई-बहन गवां चुके हैं कोरोना में मां-बाप
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का जिन बच्चों को लाभ मिल रहा है। उसमें भाई-बहन भी शामिल हैं। इसमें गांव हड़ोली के दो भाई, फतेहाबाद के भाई-बहन, गांव भिरड़ाना के भाई-बहन, गांव बड़ोपल और ढांड का एक-एक बच्चा शामिल है।
कोट
कोरोना महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने मां-बाप को खोया है, उन्हें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। केंद्र के पास रिपोर्ट भेजी गई है। जो बच्चे कक्षा 9 से 12 में पढ़ रहे हैं उन्हें टैब भी दिए जाएंगे।
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- सुरजीत बाजिया, बाल संरक्षण अधिकारी
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