मंगलवार को कारगिल विजय दिवस भले ही पूरा देश धूमधाम से मना रहा था, सुबह-सुबह ही देश के प्रधानमंत्री ने भी कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्घांजलि दे दी थी लेकिन फतेहाबाद जिला प्रशासन की ओर से औपचारिक समारोह आयोजित करना तो बहुत दूर की बात थी। उनको मंगलवार को इतना समय भी नहीं मिला कि वो लघु सचिवालय के बाहर स्थित शहीद स्मारक पर जाकर श्रद्घांजलि के दो फूल ही अर्पित कर सकें।
फतेहाबाद जिले से भी दो जवान हुए थे शहीद
1999 में 60 दिन तक चले कारगिल के युद्ध में फतेहाबाद जिले के दो सैनिक भी अदम्य साहस दिखाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। इनमें गांव ढाणी डूल्ट से शहीद मनोहर लाल और गांव मेहूवाला से शहीद नरेंद्र सिंह थे। प्रशासन द्वारा शहीदों को भूला देने पर लोगों में खासा रोष दिखा। शहीदों के परिजनों ने भी प्रशासन के इस रवैये पर हैरानी और असंतोष जाहिर किया है। दूसरी ओर जिले के आला अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बचते फिर रहे हैं ।
इस बारे में जब जिला लोकसंपर्क अधिकारी आत्मा राम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बारे में जिला सैनिक बोर्ड को कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए था।