नगर परिषद की पहली बैठक काफी हंगामेदार रही। पहली बार बैठक में नप के सभी पार्षद मौजूद रहे। मंगलवार को बैठक शुरू होते ही नप ईओ ने महिला पार्षदों के पतियों को बैठक से बाहर जाने को कह दिया। कई लोगों ने इसका विरोध भी किया लेकिन ईओ अपनी बात पर अड़े रहे। नप अध्यक्ष की मौजूदगी में जब पार्षद प्रतिनिधियों ने बैठक में बने रहने की जिद पकड़ ली तो ईओ ने खुद ही बैठक छोड़ने की चेतावनी दे दी। इसके बाद महिला पार्षदों के पति बैठक से बाहर निकले।
नगर परिषद की पहली बैठक में ही लावारिस पशु और उनके कारण होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा छाया रहा। वार्ड 14 के पार्षद वजीर जाखड़ ने नगर परिषद के अफसरों को कई बार इस मुद्दे पर घेरा। वार्ड 4 के पार्षद एडवोकेट वीरेंद्र ने मताना नंदीशाला के लिए एमपी चरणजीत सिंह रोड़ी की ग्रांट अब तक न आने को लेकर मीटिंग में मौजूद विधायक बलवान सिंह को घेरा। पार्षद अनिल गर्ग ने लावारिस पशुओं की रोकथाम के लिए पशु मेला दोबारा शुरू करने की मांग रखी और उसकी आमदनी से नंदीशाला का खर्च निकालने की बात कही।
ऑटो मार्केट में सिक्योरिटी राशि घटी
नप बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय ऑटो मार्केट में नगर परिषद की दुकानों को लेकर भी हुए। हाउस ने ऑटो मार्केट में दुकानों की सिक्योरिटी राशि को तीन लाख से घटाकर डेढ़ लाख रुपये करने का निर्णय लिया। वहीं वजीर जाखड़ ने बकाया किराये का मुद्दा उठाया तो ईओ ने जवाब दिया कि इस मामले में कोर्ट केस करने की तैयारी की जा रही है।
नई गाड़ी का प्रस्ताव आधे मिनट में पास
नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल के लिए नई सरकारी गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव रखते ही पास कर दिया गया। इस सारी प्रक्रिया में आधे मिनट से भी कम समय लगा। हालांकि ना तो नगर परिषद प्रधान और ना ही नप अफसरों की ओर से ये बताया गया कि वो कौन सी गाड़ी लेना पसंद करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस बार नगर परिषद प्रधान एसयूवी पर सवार हो सकते हैं।
आरसीसी गलियों का प्रस्ताव ठुकराया
बैठक में कुछ पार्षदों ने उनके वार्ड में आरसीसी गलियां बनाने का प्रस्ताव रखा। इसे नगर परिषद अधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया। अधिकारियों ने तर्क दिया कि शहर की सभी गलियां अब इंटरलॉक टाइलों से बनाई जाएंगी। इसके पीछे उन्होंने प्रदेश सरकार के आदेश का हवाला दिया। नगर परिषद के एमई एचके शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि आरसीसी गली निर्माण के लिए प्रदेश सरकार से मंजूरी की आवश्यकता पड़ेगी।
भट्टू रोड पर पानी निकासी का मुद्दा उछला
भट्टू रोड पर बरसाती पानी निकासी के लिए नप की ओर से पाइप लाइन बिछाने के मुद्दे पर वजीर जाखड़ और वीरेंद्र सहित कई पार्षदों ने हंगामा किया। पार्षदों का तर्क था कि पाइप लाइन डालने का काम जब जनस्वास्थ्य विभाग का है तो नगर परिषद के पैसों को क्यों खर्च किया जा रहा है। प्रधान दर्शन नागपाल और ईओ ओपी सिहाग ने जवाब दिया कि जनस्वास्थ्य विभाग इस दिशा में उचित कार्रवाई नहीं कर रहा, ऐसे में लोगों को परेशानी से बचाने के लिए ये कदम उठाने की तैयारी है।
दो चार पार्षद ही दिखे एक्टिव
पूरी बैठक के दौरान 25 में से बमुश्किल 3-4 पार्षद ही ज्यादा एक्टिव नजर आए। वजीर जाखड़ ने वार्ड में स्ट्रीट लाइटों के लिए खंभे, धक्का बस्ती वासियों के लिए मीटर कनेक्शन, नेहा बंसल ने वार्ड की सफाई और लावारिस पशुओं का मुद्दा उठाया। वार्ड 14 की श्वेता बाघला टुटेजा ने बरसाती पानी निकासी, सफाई कर्मचारियों की कमी और गलियों की मरम्मत का मुद्दा उठाया।
पूर्व प्रधान वीरेंद्र नारंग को हराने वाले दोनों पार्षद रहे खामोश
पूर्व प्रधान वीरेंद्र नारंग को इस बार दो वार्डों से हार का सामना करना पड़ा था। उनको हराने वाले दोनों पार्षद बैठक में निष्क्रिय नजर आए। पार्षद किट्टू बजाज और किरण नारंग ने अपने वार्ड की कोई समस्या नहीं उठाई। बैठक के एजेंडे पूरा होने के बाद किट्टू बजाज ने गलियां बनाने की मांग जरूर रखी। चंद्रकांता मक्कड़, भारती नारंग, सहित कई महिला पार्षद भी ज्यादा नहीं बोलीं।
सभी पार्षदों ने बेहतर तरीके से अपनी बात रखी। अब पार्षदों ने विकास का एजेंडा पास कर दिया है। सरकार को चाहिए कि ग्रांट की कमी ना आने दे। नंदीशाला के लिए सरकार से भी ग्रांट की मांग की जाएगी।
- बलवान सिंह दौलतपुरिया, विधायक, फतेहाबाद
नगर परिषद की पहली बैठक सफल रही। पहली बार ऐसा हुआ है कि सभी पार्षद बैठक में मौजूद रहे। विकास के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई। अब इस चर्चा को धरातल पर उतारेंगे।
- दर्शन नागपाल, नगर परिषद प्रधान, फतेहाबाद
बैठक की शुरुआत में कुछ महिला पार्षदों के पति भी बैठक में शामिल होना चाहते थे, ये नियमों के विरुद्ध था, इसलिए उन्हें बाहर कर दिया गया। मैं नियमों से बंधा हुआ हूं और नियमों से बाहर किसी काम को मंजूरी नहीं दे सकता।
- ओपी सिहाग, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी, फतेहाबाद