फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजादी की याद दिलाता है मुंड के नाम पर बना पार्क

विज्ञापन
स्वतंत्रता सेनानी अमीलाल मुंड। फाइल फोटो। - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
गांव हासंगा में स्वतंत्रता सेनानी अमीलाल मुंड पार्क हर सुबह गांव की नई पीढ़ी को देशभक्ति का अहसास करवाता है। यहां के सेनानी ने आजाद हिंद फौज में शामिल होकर नेताजी सुभाष चंद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश को आजाद करवाया। परंतु प्रशासनिक स्तर पर सेनानी के निधन के बाद उनके आश्रितों की अनदेखी हो रही है। बदहाली का आलम यह है कि स्वतंत्रता सेनानी की याद में बनवाए गए पार्क तक की सुध नहीं ली जा रही है।
विज्ञापन

गांव हासंगा में पीने के नहरी पानी को लेकर जलघर की मंजूरी पिछले कई महीनों पहले हो चुकी है, लेकिन अभी तक शुरू नहीं हुआ है। गांव में ही 33 केवी बिजली घर बनाए जाने को लेकर कागजी कार्रवाई पिछले कई साल से चल रही है। लोग लंबे समय से बिजली घर बनने की बाट जोह रहे हैं। हासंगा के युवा पिछले कई वर्षों से खेल स्टेडियम बनाए जाने की मांग उठा रहे हैं। परंतु युवाओं ने राजनेताओं से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगाई। किंतु खेल स्टेडियम बनाए जाने की प्रक्रिया मात्र आश्वासनों तक सीमित रह गई। हालांकि, गांव में स्कूल का बहुमंजिला भवन, ग्राम सचिवालय, इंटरलॉकिंग गलियां, पीएचसी, पशु चिकित्सालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से संपन्न है। संवाद
21 वर्ष की उम्र में तोपची के रूप में भर्ती हुए थे अमीलाल मुंड
गांव हासंगा निवासी अमीलाल मुंड में बचपन से ही देशभक्ति का जुनून था। जिन्होंने मात्र 21 वर्ष की आयु में बतौर तोपची सेना में भर्ती हुए। अंग्रेजों के खिलाफ काफी समय तक उन्होंने संघर्ष किया। जिसके कारण वह लंबे समय तक अंग्रेजी हुकूमत की तानाशाही के चलते जेल में बंद रहे। आजाद हिंद फौज में नेता सुभाष चंद्र बोस के साथ उन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर ब्रिटिश सरकार को भारत से भागने पर मजबूर कर दिया। स्वतंत्रता सेनानी अमीलाल मुंड की यादगार में तत्कालीन सरपंच राजबाला खलेरी ने सरकारी स्कूल के गेट के सामने 25 जनवरी 2013 को एक भव्य पार्क का निर्माण करवाया, जिसमें सेनानी का प्रतिमा लगाकर 15 अगस्त व 26 जनवरी को माल्यार्पण कर उन्हें ग्रामीण एवं बच्चे सेल्यूट करते आ रहे हैं।
विज्ञापन

स्वतंत्रता सेनानियों के पोते-पोतियों के लिए विशेष आरक्षण दे सरकार
स्वतंत्रता सेनानी अमीलाल मुंड के बेटे रामकुमार, ओम प्रकाश, दलीप सिंह, महावीर सिंह, सुबे सिंह, रामचंद्र, सतबीर सिंह की मांग है कि प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में उनके आश्रितों व पोते-पोतियों के लिए विशेष आरक्षण की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। इसके साथ ही गांव को आदर्श गांव घोषित करके उसमें विकास की परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाए।
9 साल पहले ग्राम पंचायत ने बनवाया था पार्क, स्वतंत्रता दिवस पर परिजनों ने की सफाई
गांव हसंगा में स्वतंत्रता सेनानी चौधरी अमीलाल मुंड की याद में बनाया गया पार्क बदहाली का शिकार हो गया है। प्रशासन की अनदेखी से रोषित स्वतंत्रता सेनानी के वंशजों ने शनिवार को पार्क में स्वच्छता अभियान चलाया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पार्क में खरपतवार व फैली हुई गंदगी को सेनानी के परिवार के युवाओं ने साफ किया। स्वतंत्रता सेनानी के पोते कुलदीप सिंह मुंड, कृष्ण कुमार, उमेद सिंह, जगदीश चंद्र, संदीप कुमार व राकेश कुमार ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हसंगा के सामने स्वतंत्रता सेनानी अमीलाल मुंड की याद में 9 साल पहले ग्राम पंचायत ने पार्क बनवाया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन विधायक सरदार जरनैल सिंह ने किया था। मगर उसके बाद पार्क में किसी भी प्रकार का कोई रखरखाव नहीं किया गया। इस कारण पार्क की देखरेख उन्हें ही करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को कम से कम स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर तो पार्क की सुध लेनी चाहिए। इस संबंध में ग्राम पंचायत हसंगा के सचिव नवदीप नेहरा ने बताया कि पार्क में मनोरंजन के लिए झूले एवं अन्य सामान से संबंधित मांग बीडीपीओ के पास नहीं रखी गई थी। सफाई कर्मचारियों को पार्क की देखरेख के निर्देश दिए गए हैं।

स्वतंत्रता सेनानी अमीलाल मुंड का पार्क में लगी प्रतिमा।- फोटो : Fatehabad

स्वतंत्रता सेनानी अमीलाल मुंड की याद में बना पार्क।- फोटो : Fatehabad

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें