रोडवेज डिपो में महाप्रबंधक की नियुक्ति होते ही बुधवार को 54 बसें चला दी गईं। इन बसों का बीमा करवा दिया गया। शेष बीच 20 बसें भी वीरवार को चल पड़ेंगी। इसके अलावा कर्मचारियों का बकाया वेतन भी मिल चुका है। वहीं इस मामले में परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने भी संज्ञान ले लिया है। परिवहन मंत्री ने सख्ती दिखाते हुए बुधवार को रोडवेज बसों का बीमा न करवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि बीमा न होने की वजह से कोई बस डिपो में खड़ी रही और यात्रियों को असुविधा हुई तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई होगी। इस पर उन्होंने एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। वहीं रोडवेज कर्मचारी यूनियन के उपप्रधान राजू बिश्रोई व पूर्व प्रधान हवा सिंह राहड़ ने कहा है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो वे आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। उन्होंने कहा है कि सरकार को पंद्रह दिन का समय दिया गया है। पंद्रह दिन के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
फतेहाबाद डिपो में बसों का बीमा खत्म होने के कारण करीब एक सप्ताह तक बसें खड़ी रहीं। नियमानुसार दस्तावेज पूरे किए बगैर बसों का सड़क पर नहीं उतारा जा सकता। इस कारण एक-एक करके 74 बसें डिपो में खड़ी हो गईं। इस मुद्दे को अमर उजाला ने लगातार चार दिन तक प्रमुखता से उठाया। वहीं रोडवेज कर्मचारी यूनियन की आवाज को भी उठाया।
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एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है : मंत्री
बीमे के अभाव में बसों का डिपो में खड़ा रहना कतई बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। इससे हजारों यात्रियों को असुविधा हुई है और रोडवेज को घाटा लगा है। यदि जीएम का पद खाली था तो अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारी भी तो थे। उनकी भी ड्यूटी बनती थी। इसलिए एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बार उचित कार्रवाई की जाएगी।
-मूलचंद शर्मा, परिवहन मंत्री, हरियाणा।
अधिकारी सस्पेंड किए जाएं : राजपाल नैन
इस मामले में दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। परिवहन मंत्री को तत्काल दोषी अधिकारी सस्पेंड करने चाहिए। यह अधिकारियों की बड़ी नाकामी है।
-राजपाल नैन, जोन चेयरमैन, रोडवेज कर्मचारी यूनियन संबद्ध हरियाणा कर्मचारी महासंघ।