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ओलंपिक में चौथा स्थान महिला हॉकी को बुलंदियों पर ले जाने का काम करेगा : सविता पूनिया

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खिलाड़ियों व नागरिकों से मिलती हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया। संवाद - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम की गोलकीपर सविता पूनिया का कहना है कि भारतीय महिला हॉकी टीम के ओलंपिक में पदक नहीं ले पाने का मलाल रहेगा। मगर टीम के शानदार प्रदर्शन ने दुनिया भर की टीमों को पछाड़ते हुए जो चौथा स्थान हासिल किया, वह महिला हॉकी को नई बुलंदियों पर ले जाने में संजीवनी का काम करेगा। सविता सोमवार को सिरसा से दिल्ली जाते हुए जिंदगी संस्था के आग्रह पर कुछ समय के लिए फतेहाबाद में रुकीं। इस दौरान खेल प्रेमियों ने उनका अभिनंदन किया।
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अब महिला हॉकी का सुनहरा दौर शुरू हो चुका है
सविता पूनिया ने कहा कि ओलंपिक से लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर टीम की सदस्यों को अपने पैतृक शहर व गांवों तक जाने के दौरान लोगों ने जो मान-सम्मान दिया है, वह दर्शाता है कि अब महिला हॉकी का सुनहरा दौर शुरू हो चुका है। अब मां-बाप बेटियों को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित करने लगे हैं। उन्हें उम्मीद है कि अब ग्राउंड स्तर पर भी हॉकी खेलने के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से 2024 के ओलंपिक में महिला हॉकी टीम इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेगी।
इन्होंने किया अभिनंदन
सामाजिक संस्था जिंदगी के अध्यक्ष हरदीप सिंह, प्रशांत शर्मा, राणा जोहल, मुकेश बंसल, रणबीर भाटी, बलजीत हांडा, भरत रावत, गुलशन रहेजा, पंजाब सिंह, सिमरनजीत सिंह गिल, विकास गावड़ी, विनोद शर्मा, संजय चावला, अनिल कंबोज, सतेंद्र श्योराण, राजकुमार, सन्नी खुराना, प्रवीर सोनी, अजय रत्ति के अलावा एमएम कॉलेज की एनसीसी स्वयंसेविकाओं में मनप्रीत कौर, पायल, मोनिका, रेणुका, रवीना, शर्मिला, सपना, लक्ष्मी रानी आदि ने सविता पूनिया का तिलक लगाकर अभिनंदन किया।
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9 गोल रोककर छा गई सविता
जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए सबसे ज्यादा गर्व का विषय है कि हमारे क्षेत्र की बेटी सविता ने ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया जैसी श्रेष्ठ टीम के प्रहारों का दिलेरी के साथ सामना करते हुए 9 गोल रोके। इसी से भारतीय टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने में मदद मिली। निश्चित रूप से सविता क्षेत्र की बेटियों के लिए सबसे बड़ी रोल मॉडल हैं।
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