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Fatehabad News: 24 साल का इंतजार हुआ समाप्त, अब मिलेगी भारतीय नागरिकता

Wed, 13 Mar 2024 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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फतेहाबाद। पाकिस्तान में जुल्मों से परेशान होकर फतेहाबाद के रतिया में आकर बसे पाकिस्तान के पूर्व सांसद दिवाया राम के परिवार को 24 साल बाद भारतीय नागरिकता मिल सकेगी। केंद्र सरकार द्वारा देश में नागरिकता संशोधन कानून लाए जाने के बाद अब इस परिवार ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से यह परिवार अस्थायी वीजा पर यहां रह रहा था।

रतिया के गांव रतनगढ़ में रह रहे दिवाया राम पाकिस्तान की तत्कालीन बेनजीर भुट्टो की सरकार में 1989-90 में बखर लईया से सांसद रह चुके हैं। सांसद होने के बावजूद इस हिंदू परिवार पर पाकिस्तान में जुल्मों सितम कम नहीं हुए थे। परेशान होकर दिवाया राम वर्ष 2000 में अपने परिवार के 13 सदस्यों के साथ टूरिस्ट वीजा पर भारत आ गए। पहले वह रोहतक के गांव मदीना में रहे। इसके बाद 2008 में वह रतिया आ गए। अब उनके परिवार में 23 सदस्य हैं। उनके 7 बेटे व 3 बेटियां हैं। जिनमें से 6 बेटों व 3 बेटियों की शादी हो चुकी है।
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दिवाया राम ने भारत में आकर सरकार से आग्रह किया था कि उनको भारतीय नागरिकता दी जाए। लेकिन हर बार उनकी अर्जी को खारिज कर दिया जाता था और उनके वीजा की अवधि बढ़ा दी जाती थी। अवधि समाप्त होने पर पुलिस व अधिकारी उनके पास पहुंचते तो वह दोबारा वीजा अवधि बढ़वाते थे। फिलहाल उसके पास अस्थायी वीजा है।

रतिया व फतेहाबाद में भी रह रहे हैं परिवार के सदस्य

दिवाया राम के भारत में आने के बाद उसके परिवार के सदस्य भी भारत आ गए। उनके परिवार के सदस्य रतिया व फतेहाबाद के गांव भोडियाखेड़ा में रह रहे हैं। दिवाया राम का भाई ओमप्रकाश रतिया में रह रहा है, उसका विवाह रतिया के पूर्व विधायक रह चुके ज्ञानचंद ओड की भतीजी से हुआ है। ओमप्रकाश 2005 में पाकिस्तान से रतिया आकर बसे थे।

अब जगी उम्मीद

सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून लागू करके इस परिवार को राहत दी है। अब दिवाया राम के अलावा उनके परिवार के रतिया व गांव भोडियाखेड़ा में रह रहे करीब 70 लोगों को भारतीय नागरिकता मिलने की उम्मीद बंध गई है। यह सभी परिवार मेहनत-मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
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पाकिस्तान में हिंदू परिवारों के साथ काफी बदसलूकी होती थी। परिवारों की बेटियों तक को उठा ले जाते थे। उनसे मारपीट की जाती थी, कई बार तो घर से निकलना मुश्किल हो जाता था। परेशान होकर वह भारत में आए थे। पिछले 24 सालों से मैं लगातार सरकार से भारतीय नागरिकता के लिए आग्रह करता रहा हूं, लेकिन हर बार वीजा को अस्थायी करके दे दिया जाता था। दो दिन पहले भी नगराधीश से मिला था। अब कागजात पूरे करके भारतीय नागरिकता के लिए आग्रह करूंगा। - दिवाया राम, पाकिस्तान से भारत आए पूर्व सांसद।
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