फतेहाबाद। नाबालिग छात्रा के मुंह पर कपड़ा बांधकर उसे एक गोदाम में ले जाकर उससे गलत काम करने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज बलवंत सिंह की अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक भट्टूकलां क्षेत्र की पीड़िता के पिता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस फतेहाबाद ने चंद्रशेखर नामक युवक के खिलाफ 14 मार्च 2019 को आईपीसी की धारा 366, 328 व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी रात को घर पर नहीं थी। बेटी को चंद्रशेखर नामक युवक अपने गोदाम में बहला फुसलाकर ले गया और सुबह 6 बजे उनके घर के आगे बेहोशी की हालत में छोड़कर भाग गया। इसके बाद उसने अपनी बेटी को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया। वहीं दूसरी ओर पीड़िता ने पुलिस को अपने बयानों में बताया था कि वह सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा है। रात को शौच गई तो चंद्रशेखर ने उसके मुंह पर चुन्नी बांध दी और खींचकर उसे अपने गोदाम में ले गया। दोषी ने पहले उसे नशीला पदार्थ पिलाया और बाद में उससे गलत काम किया और वह उसे उसके घर के आगे फेंककर फरार हो गया। आरोप है कि चंद्रशेखर ने यह बात किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत दोषी ठहराते हुए 10 साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।