गुहला-चीका के वार्ड नंबर तीन में जहरीली चाय पीने से परिवार के चार सदस्यों की हालत बिगड़ गई।
महिला ने घरेलू कलह के कारण अपनी सास और ननद पर चाय में जहर देने का आरोप लगाया है। पीड़ितों को पड़ोसियों ने गुहला के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया।
इलाज के बाद महिला, उनके पति, ससुर और बेटे की तबीयत में सुधार है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज किए।
वार्ड नंबर तीन निवासी ओमप्रकाश, उसके पुत्र कुशल, पुत्रवधु मीना और तीन वर्षीय मासूम पौत्र आयान की वीरवार शाम चाय पीने के बाद अचानक हालत बिगड़ने लगी।
इसकी भनक लगते ही ओमप्रकाश और उसके पुत्र ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और सभी को ज्यादा हालत बिगड़ने से पहले ही अस्पताल में भर्ती करवा दिया।
अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू कर दिया।
काफी मशक्कत के बाद चिकित्सकों ने बताया कि चारों की हालत खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलते ही चीका पुलिस अस्पताल में पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
सूचना मिलते ही पुलिस सहित न्यायिक मजिस्ट्रेट अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों के बयान दर्ज किए। पीड़ित पुत्रवधु मीना ने अपने बयान में अपनी ही सास और ननद पर चाय में जहरीला पदार्थ मिलाने का आरोप लगाया।्र
थाना चीका प्रभारी कश्मीर सिंह ने बताया कि महिला ने अपने बयान में सास और ननद पर जहरीला पदार्थ पिलाए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पड़ोसी सकते में
चीका में मामूली झगड़े के बाद पूरे परिवार के जान लेने के प्रयास से आसपास के लोग भी सकते में हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यदि चाय पीने के बाद बिगड़ी हुई तबीयत के बाद इन चारों को पड़ोसी न संभालते और समय पर अस्पताल न पहुंचाते तो एक बड़ा हादसा भी हो सकता था।