राष्ट्रीय राजमार्ग 65 पर शहर के नजदीक गांव शेरगढ़ में एक बारदाना फैक्टरी में आग से करोड़ों की मशीनरी और कच्चा माल जलकर राख हो गया है। आग इतनी भयानक थी कि फैक्टरी के पूरे भवन की छत गिर गई।
दमकल विभाग की सात गाड़ियों से बारह घंटों में आग बुझाई गई। सूचना मिलते ही शहर के गणमान्य लोगों सहित एसडीएम नरहरि सिंह बांगड़ ने फैक्टरी का दौरा किया। देर शाम तक दमकल कर्मचारी आग बुझाने में जुटे रहे।
हरियाणा बारदाना यूनिट में सुबह चार बजे आग लगने की सूचना मिली। इसकी खबर मिलते ही मालिक विनोद कुमार और राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की पांच गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए घटनास्थल पर पहुंचीं।
फैक्टरी में आग भयंकर रूप धारण कर चुकी थी। यहां अधिकतर प्लास्टिक का बारदाना होने के कारण आग ज्यादा भड़क उठी और मशीनाें सहित कच्चा माल एवं बना हुआ बारदाना जलकर राख हो गया।
आग इतनी भयानक थी कि छत में लगे लोहे के गार्डर पिघल गए। इस कारण पूरे फैक्टरी भवन की छत गिर गई। इतना ही नहीं, फैक्टरी में करोड़ों की 20 से ज्यादा मशीनें भी जल गईं।
दमकल विभाग की पांच गाड़ियों से आग पर काबू न पाए जाने की स्थिति में गुहला एवं पिहोवा से भी एक-एक दमकल की गाड़ी बुलाई गई। इसके बाद फैक्टरी भवन की दीवारों को तीन जगह से तोड़कर आग बुझाने का प्रयास किया गया।
साथ ही फैक्टरी में बाहर पड़े हुए माल को उठाकर दूसरी जगह ले जाया गया। सुबह चार बजे से लेकर शाम के चार बजे तक 12 घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आग बुझाने में पानी के लिए हुई परेशानी
दमकल विभाग को उस क्षेत्र में पानी के लिए काफी दिक्कतें हुईं। गांव शेरगढ़ के तालाब से पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास किया गया।
नुक्सान का नहीं है अभी कोई अनुमान
फैक्टरी मालिक विनोद कुमार और राकेश कुमार ने कहा कि अभी वे कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। आग से सब कुछ खाक हो चुका है। उनका प्रयास है कि पहले आग पर किसी तरह काबू पाया जा सके।
कितना नुक्सान हुआ है, अभी ऐसा कोई आंकलन नहीं कर पाए हैं। उधर, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग से करोड़ों का नुकसान हुआ है, जिसमें मशीनरी, कच्चा माल, बना हुआ बारदाना, फैक्टरी भवन सहित अन्य सामग्री शामिल है।
सहायक दमकल अधिकारी मोहन लाल ने बताया कि सात गाड़ियों की मदद से सुबह चार बजे से लेकर शाम चार बजे तक आग पर काबू पाया जा सका। आग नियंत्रित है, लेकिन पूरी तरह से बुझ नहीं पाई है।
50 किलो तक की पैकिंग का बारदाना बनता है
फैक्टरी में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए एक किलो से लेकर 50 किलो तक के प्लास्टिक के पैकेट तैयार किए जाते हैं। प्लास्टिक का सामान होने के कारण आग ज्यादा भयानक रही। यही वजह रही कि नुकसान भी ज्यादा हुआ।
कारणों का भी नहीं लग पा रहा पता
आग लगने के कारणों का भी अभी खलासा नहीं हो पाया है। फैक्टरी मालिक का कहना है कि मकर संक्रांति की छुट्टी होने के कारण मंगलवार को फैक्टरी बंद थी। फैक्टरी में रह रहे वर्करों को बुधवार सुबह ही आग का पता चला। अभी आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है।
एसडीएम ने किया दौरा
एसडीएम नरहरि सिंह बांगड़ ने आग की सूचना मिलने पर फैक्टरी का दौरा किया। उन्होंने प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। शहर के कई गणमान्य लोगों ने मौके पर पहुंच कर फैक्टरी मालिक का ढांढस बंधाया। इस अवसर पर गांव शेरगढ़ के भारी संख्या में लोग एकत्रित थे।