पिलर बॉक्स योजना में हुए करोड़ों रुपये के गोलमाल की खबर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तक पहुंच गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने घोटाले की जांच के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही बिजली निगम मुख्यालय ने बुधवार को जिले में पिलर बॉक्स योजना के काम को बंद कर दिया। इस मामले में दो बिजली अधिकारियों के निलंबन के बाद बुधवार को विभाग में काफी उथल-पुथल रही।
बिजली निगम मुख्यालय ने ई-मेल कर एसई आरएस यादव को जिले में पिलर बॉक्स योजना के तहत हो रहे सभी कार्यों को बंद करने के निर्देश दिए, जिसके बाद बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद में हो रहे कार्यों को बिजली निगम अधिकारियों ने रोक दिया। इसके अलावा पलवल स्थित इसे लगाने वाली निजी कंपनी के गोदाम को सील कर दिया गया।
यही नहीं बिजली निगम मुख्यालय ने तीन सदस्यीय टीम का गठन भी किया है, जो जल्द ही जिले में आकर उन क्षेत्रों का निरीक्षण करेगी, जहां पिलर बॉक्स योजना का काम हुआ है।
अधिकांश काम बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद में किया गया है। निरीक्षण के दौरान टीम अधिकारियों द्वारा जारी किए गए वर्क ऑर्डर और कंपनी द्वारा लगाए जा रहे सामान का मिलान किया जा सकता है।
गौरतलब है कि पिलर बॉक्स योजना में करीब 65 करोड़ रुपये का गोलमाल सामने आया है, जिसके बाद बिजली निगम मुख्यालय ने इसकी जांच की। बताया जा रहा है कि जांच में दो निजी कंपनियों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने की बात सामने आई है। इस बारे में एसई आरएस यादव ने बताया कि मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के बाद कार्रवाई की जा रही है।