हरियाणा की मनोहर सरकार ने अपने कार्यकाल के सात साल के दौरान केवल ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र में ही 697 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले यहां से जीतने वाले विधायक प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते रहे हैं, इसके बावजूद उन्होंने कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। ऐलनाबाद उपचुनाव में भाजपा के चुनाव प्रभारी बनाए गए सुभाष बराला ने यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अब से पहले सत्ता में आई सरकारों पर विकास के नाम पर क्षेत्रवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगता रहा है। भाजपा हर बार की तरह इस बार भी विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है।
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जनता का भाजपा पर विश्वास
बराला के मुताबिक ऐलनाबाद की जनता भाजपा और मनोहर लाल सरकार पर विश्वास करती है। ऐलनाबाद में किए गए कार्यों का लाभ चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को जरूर मिलेगा। भाजपा के प्रदेश सह मीडिया प्रमुख अरविंद सैनी का कहना है कि हरियाणा सरकार सबका साथ, सबका विश्वास और सबका विकास के ध्येय पर काम कर रही है। पूर्व सरकारों ने जहां केवल चुनिंदा क्षेत्रों में ही विकास परियोजनाओं को लागू किया था, वहीं, वर्तमान भाजपा सरकार ने क्षेत्रवाद को दूर करते हुए वहां भी काम करवाए, जिन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक भी नहीं हैं।
सीएम भी यहां से बने, नहीं किया विकास
ऐलनाबाद को अपना राजनीतिक गढ़ कहने वाले यहां से जीतकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक भी पहुंचे, लेकिन कभी विकास नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में सत्ता संभालने वाली मनोहर सरकार में ऐलनाबाद का कोई विधायक न होने के बावजूद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां 697 करोड़ के विकास कार्य करवाए हैं। ऐलनाबाद विधानसभा में अपने प्रत्याशी गोबिंद कांडा के प्रचार के लिए चुनावी मैदान में उतरे हरियाणा भाजपा के नेता विकास कार्य जनता के सामने रखकर वोट मांग रहे हैं।
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शिक्षा के सुधार के लिए खर्चे 10 करोड़
भाजपा नेताओं द्वारा गिनवाई जा रहीं उपलब्धियों के अनुसार 2014 से लेकर अब तक यहां विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से 147 करोड़ रुपये के माध्यम से ग्रामीण विकास परियोजनाओं को लागू किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में जहां कई स्कूलों को अपग्रेड किया, वहीं, नई इमारतें भी बनाई गई हैं। प्रदेश सरकार ने इन सात वर्षों में शिक्षा के सुधार के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस प्रकार सिंचाई क्षेत्र में ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र को अपग्रेड करने के लिए 24 करोड़ खर्च किया गए।