फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DNA टेस्ट से मासूमों को मिले मां-बाप

विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में 9 फरवरी को सरकारी अस्पताल में नवजात बच्चों की अदला-बदली के मामले का खुलासा डीएनए रिपोर्ट में हो गया है।
विज्ञापन


शुक्रवार शाम डीएनए रिपोर्ट आने के बाद एसएचओ सिटी की मौजूदगी में 19 दिन से बेटी को दूध पिला रही मंजू को बेटा मिला, वहीं, बेटे को दूध पिलाने वाली महिला प्रवीण को उसकी बेटी मिली।

दोनों माताओं की आंखों में खुशी के आंसू देख्ाने को मिले। बच्चों से मिलने वाली माओं की आंखों में मासूमों से दूर रहने का दर्द साफ देखा जा सकता था।

ऐसे हुई थी गफलत

नौ फरवरी को सांजरवास वासी प्रकाश की पत्नी मंजू व लेबर कॉलोनी वासी मनोज की पत्नी प्रवीण ने बच्चों को जन्म दिया था। नर्स दोनों बच्चों को वजन के लिए लेकर गई। नर्सों ने शुरू में तो दोनों महिलाओं को लड़का बताकर बधाई दी।

बाद में महिला प्रवीण को बेटा और महिला मंजू को बेटी सौंपी। मंजू की डिलीवरी बेड पर ही हुई थी। ऐसे में परिजनों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके बेटा हुआ था। बच्चों की अदला-बदली हुई है। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया और पुलिस को डीएनए टेस्ट कराना पड़ा।

फैसला सुनते ही छाई खुशी

बच्चा बदलने के विवाद में सांजरवास वासी महिला मंजू बेटी को दूध पिला रही थी। मगर उसका पूरा ध्यान साथ वाले कमरे में महिला प्रवीण के साथ लेटे बेटे पर ही था। शुक्रवार शाम करीब सवा पांच बजे जैसे ही शहर थाना प्रभारी संदीप कुमार व दिनोद गेट चौकी इंचार्ज रामअवतार डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट लेकर पहुंचे और बच्चा बदले जाने की बात बताई, उसके चेहरे पर खुशी छा गई।

डीएनए रिपोर्ट का फैसला होते ही मंजू के परिवार वाले खुशी जाहिर करते हुए एक दूसरे को बधाई देने में लग गए। मंजू की आंखों में भी खुशी के आंसू थे और वह अपने बेटे को देखती और गले लगाती रही। वहीं, बेटी मिलने के बाद प्रवीण के चेहरे पर मायूसी दिखी। हालांकि परिजन यहीं कह रहे थे कि वे अपनी बेटी पाकर खुश हैं। बेटी पाने वाले मनोज ने कहा कि बेटी के जन्म पर भी वे खुशी मनाएंगे और घर पहुंचने के बाद कार्यक्रम भी किया जाएगा।

महिला मंजू और उसके पति प्रकाश ने बेटा मिलने के बाद कहा कि पांच वर्ष बाद कामना पूरी हुई है। उनके पहले तीन साल की एक बेटी है। पहले दो बेटे हुए थे जो जन्म के चंद घंटों बाद ही दम तोड़ गए। बेटा मिलने के बाद मंजू और प्रकाश ने कहा कि वे अपनी खुशी जाहिर नहीं कर सकते।
विज्ञापन

नर्स पर होगी विभागीय कार्रवाई

जिस नर्स के कारण बच्चा बदलने का विवाद हुआ और 19 दिन दो परिवारों और पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ा, उसे भी विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

सामान्य अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि नर्स के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बच्चा बदले जाने के खुलासे के बाद सामान्य अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें