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एक बेटा, दो दावेदार पर बेटी किसकी

Thu, 13 Feb 2014 12:25 PM IST
शिव कुमार, भिवानी
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सामान्य अस्पताल में बच्चा बदलने को लेकर उपजे विवाद का फैसला 10 दिन में हो जाएगा। यानी 10 दिन में साफ हो जाएगा कि बच्ची की असल माता-पिता कौन है और बेटा किसे मिलेगा। पुलिस प्रशासन ने दोनों का डीएनए टेस्ट सैंपल कराने के बाद अतिशीघ्र टेस्ट कराने की सिफारिश की है।
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उल्लेखनीय है कि सामान्य अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में 10 फरवरी को बच्चा बदलने पर हंगामा हो गया था। यहां लेबर कॉलोनी वासी महिला प्रवीण और सांजरवास वासी मंजू ने बच्चों को जन्म दिया। नर्सों ने प्रवीण को बेटा और मंजू को बेटी दी।

मगर मंजू व उसके परिवार वालों का कहना है कि मंजू की डिलीवरी बेड पर ही उनके सामने हुई और उस समय मंजू को लड़का था। दोनों ही परिवार बेटी को अपनाने से इंकार कर रहे हैं और बेटे को अपना बता रहे हैं।
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डीएसपी अमित भाटिया ने बताया कि अतिशीघ्र डीएनए टेस्ट कराए जाने की सिफारिश की जा रही है।

रिपोर्ट आने तक अस्पताल में ही रहेंगे दोनों बच्चे
डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आने तक दोनों बच्चों को अस्पताल में ही रखा जाएगा। मंगलवार शाम जच्चा-बच्चा को छुट्टी देने की बातें चली थी। मगर परिवार वाले उखड़ गए। दोनों ही परिवार बेटे को लेने की जिद पर अडे़ है।

दिनोद गेट चौकी इंचार्ज रामअवतार ने बताया कि टेस्ट जल्द किए जाने की सिफारिश की है और पूरी उम्मीद है कि सप्ताह से 10 दिन में रिपोर्ट आ जाएगी।

पांच साल से तरस रहे बेटे को
सांजरवास वासी प्रकाश व उसकी पत्नी मंजू पिछले करीब पांच साल से बेटे को तरस रहे है। मंजू ने दो दफा बेटों को जन्म दिया मगर डिलीवरी के कुछ मिनटों के अंतराल में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। प्रकाश को फिलहाल एक बेटी है, जिसकी उम्र करीब साढे़ तीन साल है।

जो फैसला होगा मंजूर होगा
डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट पर जहां बच्चा-बच्ची का भविष्य निर्भर है वहीं परिवार वाले इस पर भी विश्वास करने को तैयार नहीं है। महिला प्रवेश के पति मनोज का कहना है कि हमारा बेटा है और हम बेटा ही लेंगे। रिपोर्ट चाहे कुछ रहे। महिला मंजू के पति प्रकाश का कहना है कि जो भी फैसला होगा उन्हें मंजूर होगा।

बच्ची को नहीं मिल रहा प्यार
विवाद के बीच जहां बेटे को परिवार के सभी सदस्य लाड़-प्यार कर रहे हैं वहीं बेटी अधिकतर समय महिला मंजू के पास बेड पर लेटी रहती है। बच्ची कम दूध भी पी रही है। इस बाबत स्टाफ नर्सों ने महिला मंजू व उसके परिवार वालों को भी कहा मगर परिजनों का एक ही जवाब रहा कि कम पी रही है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। हालांकि बच्ची भूखी ना रहे इसके लिए चिकित्सक भी अपने स्तर पर नीकू में दूध पिला रहे हैं।
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