हरियाणा के जिले कैथल में अब अशक्त बच्चों को पहचान पत्र के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
दरअसल स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर शिक्षा विभाग जिले के सभी सरकारी स्कूलों में अशक्त बच्चों के पहचान पत्र बनाने का अभियान चलाएगा। इस प्रमाणपत्र के आधार पर अशक्त बच्चे समाज कल्याण विभाग की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
विकलांग बच्चों को प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी बस सेवा में यात्रा किराया में छूट व अन्य सुविधाएं सरकार की ओर से उपलब्ध करवाई जाती है।
डीसी एनके सोलंकी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ऐसे बच्चों को स्कूल स्तर पर ही पहचानपत्र जारी करें, ताकि ऐसे बच्चों को सरकारी सुविधाओं को प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न आए। इन बच्चों को पहचानपत्र मौके पर ही जारी किए जाएंगे।