शहर की महिलाओं और युवतियों की बिना अनुमति के उनके फोटो फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर डाले जा रहे हैं।
उन
फोटो पर आने वाले भद्दे कमेंट्स की वजह से युवतियां समाज में अपमानित
महसूस हो रही है। इसके खिलाफ सामाजिक संस्था ‘जिंदगी’ ने अभियान छेड़ दिया
है। संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह एवं वरिष्ठ नागरिक बनारसी दास मोंगा के
नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएसपी विजय जाखड़ से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने डीएसपी को एक मांग पत्र सौंपकर शहर में इंटरनेट पर
महिलाओं के मान-सम्मान से खिलवाड़ करने वालों पर केस दर्ज करने की मांग की।
उन्होंने सात लोगों के नाम भी शिकायत पत्र में दिए। इसमें शहर की एक
सामाजिक संस्था का प्रधान भी है।
डीएसपी विजय जाखड़ ने कहा कि
संस्था के शिकायत पत्र में जिन लोगों को चिह्नित किया गया है, उनके खिलाफ
पुलिस प्रशासन साइबर सेल के माध्यम से जांच करवाकर कड़ी कार्रवाई करेगा।
एडवोकेट नंदकिशोर सेठी और पवन कालड़ा ने बताया कि भविष्य में संस्था फेसबुक
जैसी किसी भी सोशल नेटवर्किंग साइट पर महिलाओं-युवतियों के चित्रों का
दुरुपयोग किए जाने वालों के खिलाफ केस दर्ज करवाए जाने की मुहिम जारी
रखेगी।
अश्लीलता फैलाने वाले सीरियलों के खिलाफ जाएंगे कोर्ट
प्रधान
हरदीप सिंह ने बताया कि टीवी पर प्रसारित कई कार्यक्रमों, फिल्मों और
गीतों में भी अश्लीलता परोसी जा रही है और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया
जा रहा है। ऐसे सामग्री के खिलाफ भी संस्था न्यायालय में जाएगी।
स्कूल-कॉलेजों में जाकर मोबाइल करेंगे चेक
जिंदगी
संस्था की मांग पर डीएसपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि भविष्य में
महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों की विशेष टीमें गठित कर स्कूल-कॉलेज में युवकों
के मोबाइल तक की जांच किए जाने का प्रावधान किया जाएगा। होगा। जांच में
किसी भी युवक के मोबाइल में किसी महिला-युवती के आपत्तिजनक चित्र या एमएमएस
पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ भादंसं की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी
कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके अलावा शहर में चल रहे इंटरनेट कैफे
संचालकों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे अपने यहां आने वाले हर व्यक्ति की
एंट्री उसके पहचान पत्र के आधार पर जरूर करें।