निजी अस्पताल की लापरवाही का एक और उदाहरण शनिवार देर रात सामने आया। जब गंभीर हालत में गर्भवती महिला को एक निजी अस्पताल से दूसरे निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। बहुत देर तक इलाज न मिलने पर परिजन सरकारी अस्पताल ले गए जहां ऑपरेशन टेबल पर ही गर्भवती की मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
अनिल ने बताया कि शनिवार रात करीब 9 बजे उनकी भतीजी निशा को तेज दर्द होने लगा। वह उसे एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। अनिल ने आरोप लगाया कि काफी देर भटकने के बाद वह उसे पलवल के सरकारी अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टरों ने जांच कर बताया कि निशा का ऑपरेशन होगा। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि इलाज की शुरुआत में ही लापरवाही बरती गई है। इसके कारण निशा की जान को भी खतरा हो सकता है।
इसके बाद निशा को बीके अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात पीड़िता को लेकर वह अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर उसे डिलीवरी करने के लिए जच्चा-बच्चा वार्ड में ले गए। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि काफी देर तक इलाज न मिलने के कारण बच्चे से जुड़ा प्लेजेंटा फंस गया जिस कारण महिला की मौत हो गई।
पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत पीएमओ डॉ. किशन कुमार से की। डॉ. कुमार ने बताया की लापरवाही पलवल में हुई है। इस कारण शिकायत को संबंधित अधिकारी को सोमवार को भेजा जाएगा।