गांव धरौदी के कुछ दलित परिवारों ने पंचायती जमीन पर बने उनके मकान में आग लगाने की शिकायत उपायुक्त राजीव रतन और एसपी बलवान राणा को दी है। दलित परिवारों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने एक मकान में आग लगा दी। इससे मकान में रखा सामान जल कर राख हो गया। डीसी और एसपी ने दलित परिवारों को आश्वासन दिया कि नुकसान की भरपाई की जाएगी और आरोपी लोगाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद दलित परिवार गांव लौट गए।
गांव धरौदी निवासी दलित गजे सिंह, नरेश, तरसेम, सूरज भान सहित कुछ लोगों ने डीसी और एसपी को दी शिकायत में बताया कि गजे सिंह के बेटे विनोद ने पंचायती जमीन पर मकान बनाया हुआ है। जिसको लेकर गतिरोध चला आ रहा है। मंगलवार रात को कुछ लोगों ने उस मकान में आग लगा दी।
जिसमें मकान में रखा सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही चार लोगों ने उन्हें धमकी दी थी। उन्होंने मांग की कि आग लगाने वाले लोगों की पहचान की जाए व धमकी देेने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जले हुए सामान का मुआवजा दिलवाया जाए। डीसी और एसपी ने आश्वासन दिया कि आग से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी और आरोपी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला
दलित गजेसिंह और रणधीर गांव की पंचायती जमीन पर कब्जा किए हुए हैं। पंचायत और ग्रामीणों के विरोध करने के बावजूद गजेसिंह व रणधीर ने उस विवादित जमीन पर एक कमरा बना लिया। इसको लेकर गांव में तनाव है। इसी मामले को लेकर गांव के गणमान्य लोगों की सदर थाना परिसर में 10 अक्तूबर को पंचायत भी हुई थी। गांव के सरपंच महेंद्र पूनिया ने बताया कि गजेसिंह व रणधीर ने 700 वर्ग गज पंचायत पर जमीन पर कब्जा किया हुआ है। उन्होंने बताया कि पंचायत ने कब्जा छुड़वाने के लिए प्रस्ताव पास करके तहसीलदार को दे दिया है अब तहसीलदार ने निशान देही करवाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराना है। उन्होंने बताया कि विवादित जमीन की निशानदेही करवाने के लिए अधिकारियों ने बुधवार का समय दिया था लेकिन दलित परिवारों के जिला मुख्यालय पर आने के कारण निशानदेही का कार्य नहीं हो सका।