हरियाणा में हरियाणा स्टाफ मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को उपायुक्त कार्यालय सहित सभी विभागों के बोर्डों, निगमों और सहकारी संस्थाओं के लिपिक वर्ग, चौथे दर्जे व कंप्यूटर ऑपरेटरों ने लघु सचिवालय के सामने सामूहिक भूख हड़ताल की। इसका संचालन जिला सचिव सुरेन्द्र शर्मा ने किया। अपनी मांगों से संबंधित प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
एसोसिएशन के जिला प्रधान ओमनाथ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान रमेश शर्मा, उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी यूनियन के प्रधान अजमेर सिंह ने भूख हड़ताली कर्मचारियों को बताया कि लंबे आंदोलन के बावजूद हरियाणा सरकार द्वारा पंजाब के समान वेतनमान की मांग को स्वीकार नहीं किया गया है जबकि सरकार ने अपने मंत्रियों, विधायकों व बोर्ड निगमों के प्रधानों के वेतन व भत्तों में लाखों रुपये मासिक की बढ़ोतरी बिना किसी बहस के कर ली है।
यदि सरकार ने समय रहते पंजाब के समान वेतनमान की मांग को स्वीकार न किया तो आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ और कर्मचारी महासंघ द्वारा घोषित सांझे आंदोलनों में भी लिपिक वर्गीय कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी व कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ मिलकर बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और सभी विभागों का काम काज ठप करते हुए सभी कार्यालयों के कर्मचारी 13 नवंबर को हड़ताल में भाग लेंगे और 12 नवंबर की रोडवेज की हड़ताल को भी पूर्ण समर्थन देंगे।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य महासचिव सीएन भारती, एसकेएस राज्य वरिष्ठ उपप्रधान सरबत पूनियां, कर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान हरिचन्द कम्बोज, नगरपालिका के रमेश तोसामड़, बिजली विभाग के भूप सिहं और वीएलडीए पृथ्वी सिहं बाना, पटवार यूनियन के पृथ्वी सिंह काकड़, एसकेएस ब्लाक प्रधान पवन कड़वा, कृष्ण नैन, धर्मपाल, रतिया ब्लाक के सचिव रणधीर मेहरा, बिजली विभाग के कृष्ण मेहरा, महासंघ के मुन्शी राम, रोडवेज के शिव कुमार आदि नेताओं ने भी लघु सचिवालय पहुंचकर चतुर्थ श्रेणी व लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।
सांय 4 बजे सर्व कर्मचारी संघ की जिला कमेटी ने हड़ताली कर्मचारियों को जूस पिलाकर सामूहिक भूख हड़ताल का समापन करवाया।