शादियों का सीजन शुरू होते ही घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी शुरू हो गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें बाजार भाव वाला सिलेंडर भी नहीं मिल पा रहा है।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार उपभोक्ताओं को अब एक साल में केवल नौ घरेलू गैस सिलेंडर ही रियायती दाम पर मिल रहे हैं। अगर किसी उपभोक्ता का यह कोटा खत्म हो गया है तो उसे बाजार भाव वाला सिलेंडर लेना होगा।
रियायती सिलेडरों का कोटा खत्म करने वाले उपभोक्ता इन दिनों बेहद परेशानी की स्थिति से गुजर रहे हैं। पालम विहार निवासी पूजा राठी ने बताया कि उन्होंने एजेंसी पर बाजार भाव वाले सिलेंडर का पता किया तो बताया गया कि अभी कोटा नहीं आया है।
दो दिन इंतजार करने के बाद मजबूरी में एक दलाल से सिलेंडर खरीदना पड़ा। बाजार भाव पर 900 रुपये में सिलेंडर मिल जाता, लेकिन दलाल को 1200 रुपये देने पड़े। पटेल नगर निवासी प्रवेश ने बताया कि पर्ची के बिना अभी भी गैस एजेंसी संचालक गैर रियायती सिलेंडर नहीं दे रहे हैं।
शादियों की वजह से है किल्लत
जानकारों का कहना है कि ऐसा शादियों के सीजन की वजह से हो रहा है। पहले लोग आपस में सिलेंडरों की व्यवस्था कर लेते थे। अब कोटा निर्धारित होने के बाद लोगों को सिलेंडर खरीदना पड़ता है। मांग बढ़ी है, इसलिए बाजार भाव पर भी सिलेंडर पहुंच से दूर हो गया है।
उपभोक्ता को ही मिलेगा सिलेंडर
गुड़गांव गैस एजेंसी एसोसिएशन के प्रधान शशिकांत शर्मा का कहना है कि बाजार भाव वाले सिलेंडरों का कोटा भी उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार जारी होता है। अगर इसमें कालाबाजारी हो जाए तो निश्चित ही उपभोक्ताओं को परेशानी आएगी।