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इस राज्य में कांग्रेस की कुर्सी खतरे में, 5 सीटों पर संकट

Wed, 25 Sep 2013 01:56 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान
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सांसद राव इंद्रजीत सिंह के गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र का कांग्रेस टिकट पर चुनाव न लड़ने के बाद कांग्रेस के लिए हरियाणा में पांच अन्य सीटों पर संकट खड़ा हो सकता है।
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कांग्रेस के एक मौजूदा सांसद और पूर्व सांसद ने चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया है। एक सीट पर मौजूदा सांसद के खिलाफ मौजूदा मुख्य संसदीय सचिव ने चुनाव लड़ने का खुला ऐलान कर दिया है।

दो सांसदों के खिलाफ वहां के कांग्रेसी नेता खिंलाफत कर रहे हैं। इसलिए गुटबाजी में फंसी कांग्रेस लोकसभा चुनाव में कुछ नए चेहरों को आजमा सकती है।

हिसार लोकसभा
हिसार से सांसद रहे और पिछले उपचुनाव में जमानत गंवा बैठे पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ने अमर उजाला से बातचीत में ऐेलान किया है कि वे हिसार लोकसभा सीट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे।
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उन्होंने कहा, ‘मुझे पहले आदमपुर विधानसभा क्षेत्र में फंसाया।

बाद में हिसार लोकसभा उपचुनाव में फंसाकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने हराया। अब मैं हिसार से चुनाव नहीं लड़ूंगा। मैं कलायत से चुनाव लड़ूंगा।

मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस मेरी मांग मानेगी।’ जयप्रकाश के एक कट्टर समर्थक ने कहा, ‘जिन्होंने हमारे नेता को हराया, उन्हें हम लोकसभा, विधानसभा चुनाव में हराएंगे। हमारे नेता का असर हिसार, कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र में है।’

भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा
इस समय श्रुति चौधरी भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। उनकी माता और हरियाणा कैबिनेट मंत्री किरण चौधरी से छत्तीस का आंकड़ा मुख्य संसदीय सचिव धर्मबीर का है।

धर्मबीर को पिछले विधानसभा चुनाव में भिवानी जिले से टिकट नहीं मिली और उन्हें सोहना से टिकट दे दी। वे सोहना से जीत गए। मगर अब धर्मबीर ने भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है।

उन्होंने अमर उजाला से कहा, ‘भिवानी मेरा जिला है। मैं तोशाम से विधायक रह चुका हूं। मैं तोशाम से भी टिकट मांग चुका हूं और लोहारू से भी। मगर मुझे टिकट नहीं दी गई।

अब मैं भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ूंगा। अगर लोकसभा की टिकट नहीं मिली तो तोशाम से विधानसभा की टिकट मांगूंगा। कांग्रेस मेरी मांग जरूर स्वीकार करेगी।’

सोनीपत लोकसभा
सोनीपत लोकसभा सीट से इस समय जितेंद्र मलिक सांसद हैं। वे कैलाना से दो बार विधायक रह चुके हैं। उनके पिता और दादा भी कैलाना से विधायक रह चुके हैं।

परिसीमन में कैलाना का नाम गन्नौर हो गया था। पंडित चिरंजी लाल शर्मा भी कैलाना से विधायक रह चुके थे। पिछले लोकसभा चुनाव में जितेंद्र मलिक को सोनीपत लोकसभा सीट से टिकट दी गई और वे सांसद बन गए।

गन्नौर से पंडित चिरंजी लाल शर्मा के बेटे कुलदीप शर्मा को विधानसभा चुनाव लड़ाया गया। वे जीते और अब विधानसभा के स्पीकर हैं।

अब जितेंद्र मलिक सोनीपत लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते बल्कि गन्नौर से विधानसभा चुनाव चाहते हैं। उन्होंने अमर उजाला से बात करते हुए इसकी पुष्टि की है।

अगर ऐसा हुआ तो कुलदीप शर्मा को सोनीपत या करनाल से लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है।

सिरसा लोकसभा
सिरसा लोकसभा क्षेत्र से डॉ. अशोक तंवर कांग्रेस के सांसद हैं। उनका आगामी टिकट भी पक्का माना जा रहा है मगर उनके खिलाफ सिरसा जिले के कांग्रेस नेता बयानबाजी करने लग गए हैं।

सिरसा से कई बार विधायक, मंत्री रह चुके लक्ष्मण दास अरोड़ा की बेटी सुनीता सेतिया ने अशोक तंवर के खिलाफ खुली बयानबाजी शुरू कर दी है।

सिरसा के विधायक गोपाल कांडा और उनके समर्थक भी तंवर के खिलाफ हैं। सिरसा कांग्रेस में जबर्दस्त फूट है।

करनाल लोकसभा
डॉ. अरविंद शर्मा वर्तमान में करनाल से सांसद हैं। करनाल की विधायक सुमिता सिंह सांसद के खिलाफ हैं। किसी भी रैली में दोनों के समर्थक भिड़ जाते हैं।
करनाल सीट से विधानसभा स्पीकर कुलदीप शर्मा भी चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं क्योंकि उनके पिता पंडित चिरंजी लाल शर्मा कई बार करनाल से विधायक रह चुके हैं। यह उनकी पारंपरिक सीट रही है।
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