हरियाणा में जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा धारक की मौत के बाद उसके आश्रितों को बीमा की राशि न देने पर भारतीय जीवन बीमा निगम को फटकार लगाई। फोरम ने आदेश दिए कि वह बीमा धारक के आश्रितों को पांच लाख की राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित एक माह में अदा की जाए।
भूना निवासी डा. राजकुमार शर्मा ने भारतीय जीवन बीमा निगम की फतेहाबाद शाखा से जीवन बीमा करवाया हुआ था। बीमा राशि पांच लाख थी। उपभोक्ता ने समय-समय पर ब्रांच में अपनी किश्तें जमा करवाई।
छह नवंबर 2010 को उसकी मौत हो गई। उसकी पत्नी मनु शर्मा ने एलआईसी कार्यालय में बीमा राशि क्लेम का आवेदन किया लेकिन कई अड़चनें लगाकर एलआईसी की फतेहाबाद शाखा ने बीमा राशि देने से इंकार कर दिया।
इस पर मनू शर्मा ने 10 सितंबर 2012 को जिला उपभोक्ता फोरम में भारतीय जीवन बीमा निगम फतेहाबाद कार्यालय और रोहतक डिविजनल कार्यालय के विरुद्ध याचिका दायर कर दी। मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए उपभोक्ता फोरम ने भारतीय जीवन बीमा निगम को आदेश दिये कि वह डा. राजकुमार शर्मा के आश्रितों को पांच लाख की राशि नो प्रतिशत ब्याज समेत अदा करे।