राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने बृहस्पतिवार को साई सेंटर में नाबालिग खिलाड़ियों के साथ छेड़छाड़ के प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। आयोग की दो सदस्यीय टीम ने देर शाम सेंटर पहुंचकर पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए।
आयोग की सदस्य डॉ. अनिता नैन ने बताया कि आरोप लगाने वाली सभी खिलाड़ियों से बयान लिए गए हैं। आरोप लगाने वाली कुछ खिलाड़ियों ने शारीरिक छेड़छाड़ से इंकार किया है।
खबर के मुताबिक खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें कोच सतबीर पंघाल की ओर से सिखाई जा रही तकनीक समझ नहीं आ रही थी। खिलाड़ी कोच सतबीर का स्थानांतरण कराना चाहती थी। इस कारण उन्होंने इस तरह के आरोप लगा दिए।
खिलाड़ियों को अंदाज नहीं था कि मामला इतना अधिक बढ़ जाएगा। डॉ. अनिता नैन ने कहा कि दो खिलाड़ी बृहस्पतिवार को छात्रावास में नहीं थी। जल्द ही उन खिलाड़ियों से भी बयान लिए जाएंगे। डॉ. नैन ने कहा कि मामला छेड़छाड़ की बजाय कोच के तबादले का लग रहा है।
गौरतलब है कि साई सेंटर की दर्जनभर नाबालिग खिलाड़ियों ने 31 जनवरी को मीडिया के समक्ष आकर कोच सतबीर पंघाल पर शारीरिक छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। बाद में खिलाड़ियों ने कोच के खिलाफ पुलिस व साई सेंटर में शिकायत दी थी। जिस पर कोच को साई सेंटर की ओर से निलंबित किया जा चुका है।