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पोषाहार की बाट जोह रहे नौनिहाल व गर्भवती महिलाएं, केंद्रों में खराब हो रही खाद्य सामग्री

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वाल्मीकि नगर में आंगनबाड़ी केंद्र पर लगा ताला और बाहर बंधी गाय। संवाद - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की हड़ताल के कारण दो माह से जिले के 634 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लटके हैं। इस कारण करीब 20 हजार पात्र जच्चा-बच्चा, गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों को राशन वितरित नहीं किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पौष्टिक राशन इनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए दिया जाता है। राशन वितरण नहीं होने से इनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। वहीं, कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों का आंकड़ा बढ़ने की चिंता सताने लगी है। जिले में फिलहाल 45 अति कुपोषित और 400 कुपोषित बच्चे हैं। जिले की करीब 1200 वर्कर्स एवं हेल्पर्स हड़ताल पर हैं।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स की हड़ताल से एक ओर जहां पात्रों को पौष्टिक आहार नहीं मिल रहा है, वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों और विभाग के स्टोर में खाद्य सामग्री खराब भी हो रही है। दरअसल हड़ताल से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर सप्लाई आने के कारण खाद्य सामग्री का स्टॉक था, जो नहीं बंटने के कारण खराब हो रहा है। इसके अलावा दिसंबर, जनवरी, फरवरी की सप्लाई के लिए भी खाद्य सामग्री स्टॉक में है। ऐसे में यह खाद्य सामग्री खराब हो रही है। विभाग के पास बटवाने का अन्य कोई विकल्प भी नहीं है। गांवों में नियमित सरपंच नहीं होने के कारण सरपंच के माध्यम से राशन बंटवाने की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पा रही है। जिले में पिछले सर्वे में खासी संख्या में कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे सामने आए थे। जिनका विशेष ध्यान रखा जा रहा है, उन्हें उभारने के लिए दूध और अंडा दिया जा रहा है। अब दो माह से राशन नहीं वितरित होने के कारण पात्रों को पौष्टिक आहार नहीं मिला है।
एक्शन मोड़ : विभाग ने 14 कार्यकर्ता किए बर्खास्त, 480 को नोटिस जारी
दो माह से आंदोलन समाप्त होने की बांट देख रहे विभाग अधिकारी अब एक्शन मोड़ में आ गए है। जिले की 14 वर्कर्स को बर्खास्त कर दिया है। इनमें आंगनबाड़ी यूनियन की प्रधान सुनीता रामबास भी शामिल हैं। इसके अलावा 480 को नोटिस भी जारी किए गए हैं। अगले कुछ दिन में अन्य वर्कर्स एवं हेल्पर्स को भी बर्खास्त किया जा सकता है। हालांकि अब विभाग के एक्शन मोड़ में आने के बाद कुछ वर्कर्स एवं हेल्पर्स बैकफुट पर है और नौकरी ज्वाइन कर रही हैं। पिछले दो दिन के दौरान करीब 40 वर्कर्स एवं हेल्पर्स ड्यूटी पर लौटी हैं।
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केंद्रों पर पहुंचाई जाती है यह खाद्य सामग्री
गेहूं, चावल, मुरमुरे, सोयाबीन, पंजीरी, चीनी, तेल आदि खाद्य सामग्री दी जाती है। हालांकि चीनी और तेल की सप्लाई लंबे समय से नहीं हुई है। करीब दो साल से तेल की सप्लाई नहीं आई है।
इन्हें मिलता है पौष्टिक आहार : विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं, बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं, छह साल तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों से पौष्टिक आहार दिया जाता है।
दिसंबर से नहीं मिला राशन
पात्र महिला नीलम बलकारा, निहालगढ़ से भतेरी ने बताया कि नवंबर में ही राशन मिला था। दिसंबर और उसके से अब तक राशन नहीं मिला है। कोरोना के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी ताले है। अब पता नहीं कब मिलेगा।
यह जिले में स्थिति कार्यरत रिक्त पद
आंगनबाड़ी केंद्र 634 --
आंगनबाड़ी वर्कर्स 602 32
हेल्पर्स 561 60
सभी आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलनरत हैं। वे अपनी ड्यूटी से इनकार नहीं कर रहीं, मगर सरकार को उनकी जायज मांगें माननी चाहिए। मेरे समेत 14 वर्कर्स को बर्खास्त किया गया है। यह सरकार की ओछी मानसिकता को दर्शाता है। सरकार आंदोलन को खत्म करने के लिए यह कार्रवाई कर रहे हैं मगर वर्कर्स एवं हेल्पर्स पीछे नहीं हटेंगी और मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। - सुनीता रामबास, प्रधान आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स एसोसिएशन
दो माह से आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स हड़ताल पर हैं, इन्हें काफी समझाया। अब विभागीय कार्रवाई की जा रही है। सभी पात्रों तक पौष्टिक आहार पहुंचाना जरूरी है। कार्रवाई के तौर पर 14 को बर्खास्त कर सेवाएं समाप्त कर दी गई है और बाकी कि प्रक्रिया चल रही है। उच्च अधिकारियों के निर्णय अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -गीता सहारण, सीडीपीओ
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