मेन लाइन धंसने के बाद पुरानी अनाज मंडी में बैक मारने से भरा सीवर का पानी
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चरखी दादरी। शहर में झज्जर घाटी स्थित क्षेत्र में मुख्य 40 इंची सीवर लाइन डैमेज होनेे के 15 दिन बाद अब तिकोना पार्क से सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक 2.5 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और धंस गई है। इससे शहर की 60 प्रतिशत सीवर व्यवस्था चरमरा गई है। शहर का दूषित पानी सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट में जाने की बजाय मैनहोल ओवरफ्लो होकर गलियों में भर रहा है। फिलहाल विभाग लाइन में जाली आदि लगाकर काम चला आ रहा है। विभाग के 10 कर्मचारी इस काम में लगे है।
इस समय मैनहोल ऊपर तक भरने की वजह से ब्लॉक हैं। विभाग की ओर से ब्लॉकेज खोलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जनवरी अंतिम सप्ताह में हुई बारिश से शहर की झज्जर घाटी क्षेत्र में सीवर की मुख्य 40 इंची लाइन जवाब दे गई थी। अब नगर के तिकोना पार्क से एसटीपी तक मुख्य लाइन धंस गई। विभाग अधिकारियों ने इस लाइन में जाली लगाकर ठीक करने का काम शुरू करवाया है, लेकिन बात नहीं बन पा रही है। विदित रहे समय समय पर शहर के लोग सीवर की समस्या को लेकर धरना व रोष जताते रहे है, लेकिन सीवर की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। चार दिन पहले चरखी गेट क्षेत्र निवासियों ने भी भूख हड़ताल भी की थी। इसके बाद में मौके पर अधिकारियों ने ठीक करवाया था।
एसटीपी के टैंक भी फुल
जिले में सर्दी में हुई 65 एमएम बारिश से शहर का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का कच्चा टैंक भी फुल हो गया है। यह कच्चे वाटर टैंक मिट्टी एवं गाद से भी अटे पड़े हैं। विभाग के पास पानी की निकासी को फिलहाल कोई विकल्प नहीं है और इस समय सीवर के पानी को बधवाना नहर में डाला जा रहा है।
कर्मचारी काम में जुटे
इस समय विभाग की अलग-अलग टीमें सीवर के काम में जुटी है। इस काम में 10 कर्मचारी लगे हुए हैं। जेटिंग मशीन के जरिये ब्लॉकेज खोलने के प्रयास किए जा रहे है।
विभाग की ओर से प्रतिदिन ब्लॉकेज खोली जा रही हैं। आने वाले कुछ दिनों में पूरे शहर की ब्लॉकेज खोल दी जाएगी। सीवर व्यवस्था को पूर्णतया ठीक कर दिया जाएगा। धंसी हुई मुख्य लाइन में जाली आदि लगाकर अस्थायी व्यवस्था की जा रही है। यह लाइन 40 साल पुरानी है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। - जगदीश चंद्र, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग
जैटिंग मशीन से सीवर लाइन को ठीक करते हुए कर्मचारी- फोटो : CharkhiDadri