चरखी दादरी/बाढड़ा। हंसावास खुर्द और बाढड़ा को नगर पालिका की बजाय ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग पिछले करीब एक माह से लोग लगातार उठा रहे हैं। इस मांग पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को आयोजित प्रगति रैली में संज्ञान लिया है। उन्होंने डीसी श्यामलाल पूनिया को घर-घर जाकर सर्वे करवाने और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जनमत और सर्वे रिपोर्ट के अनुसार ही सरकार अपना अगला निर्णय लेगी।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने बाढड़ा को करीब एक साल पले ही ग्राम पंचायत की बजाय नगर पालिका का दर्जा दिया है। इसके लिए सरकार ने बाढड़ा के अलावा हंसावास खुर्द को भी शामिल किया है। बाढड़ा व हंसावास खुर्द के लोग पिछले करीब एक माह से लगातार नगर पालिका की बजाय ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग उठा रहे हैं। इस मसले पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, निकाय मंत्री कमल गुप्ता, सांसद धर्मबीर सिंह, विधायक नैना चौटाला समेत पूर्व विधायक सुखविंद्र मांढ़ी से मिल चुके हैं।
शुक्रवार को आयोजित प्रगति रैली के मंच से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस मांग पर संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि यथास्थिति हिसार जिले के दो गांवों में बनी थी। वहां सरकार ने प्रशासन की मार्फत घर-घर जाकर सर्वे करवाकर अपना निर्णय लिया था। उसी तर्ज पर अब सरकार बाढड़ा व हंसावास खुर्द का भी निर्णय लेगी। उन्होंने डीसी श्यामलाल पूनिया को आदेश दिया कि एक 11 सदस्यीय कमेटी गठित कर बाढड़ा व हंसावास खुर्द के घर-घर जाकर सर्वे की जाए। इसके जरिये ये पता लगाया जाए कि लोग नगर पालिका का दर्जा चाहते हैं या फिर ग्राम पंचायत का।
- रिपोर्ट मिलने के बाद जनप्रतिनिधियों से भी होगी बात
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डीसी को आदेश दिया कि तीन दिन के अंदर सर्वे कार्य पूरा कर सरकार को रिपोर्ट सौंपे। मंगलवार को वो विधायक व सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों से भी मंथन करेंगे और इसके बाद बुधवार को सरकार इस संदर्भ में कोई फैसला लेगी। उन्होंने बताया जनमत के आधार पर सरकार अपना निर्णय लेगी।