चरखी दादरी। जिले में बारिश का दौर वीरवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। दोपहर तक मौसम साफ रहने के बाद शाम के समय झमाझम बारिश हुई। शाम साढ़े पांच से लेकर छह बजे तक करीब पांच एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से एक ओर से जहां शहर और गांवों में जलभराव की समस्या बरकरार है, वहीं दूसरी ओर किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बारिश से कपास की फसल चौपट हो गई है। इसके साथ ही अन्य फसलों व सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। बारिश के रुकने की कामना करते हुए किसान बस यह कह रहे हैं कि राम इब तो बस कर, कीतणा और बरसै गा।
कीतणा और बरसै गा, इब तो रुक जा।
पिछले 72 घंटों में जिले में 95 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। जिससे कपास की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही लगातार बारिश होने से बाजार, मूंग सहित व सब्जियों को नुकसान हो रहा है। वहीं शहर में पानी निकासी और सीवर सिस्टम की पोल खुली हुई है।
िमोटरें और पंप सेट लगाकर पानी की शहर से निकासी की जा रही है, लेकिन शहर के जोहड़ भी पानी से लबालब है। मौजूदा हालातों को देखते हुए ये जोहड़ शहर का और पानी नहीं झेल पाएंगे। दूसरी ओर प्रशासन के लिए इन जोहड़ों से पानी की निकासी करवाना भी सिरदर्द बना हुआ है। आउटरीच पाइप लाइन के जरिये ही पानी निकासी की जा रही है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से इसमें भी अड़चन आ रही हैं। दूसरी और कपास की खेती को काफी नुकसान पहुंचा है। शहर में वीरवार को भी दस से अधिक जगहों पर जलभराव की स्थिति रही। सरकारी कार्यालय और अधिकारियों के आवास भी इससे अछूते नहीं रहे। आलम यह रहा कि डीसी समेत अन्य अधिकारियों के आवास में पानी घुस गया और विभाग के मोटर लगाने के बावजूद पानी की निकासी नहीं हो पा रही।
यहां है जलभराव
रोहतक रोड पर डीसी, डीडीपीओ और डीएसपी आवास के अंदर तक पानी घुसा है। इसके अलावा परशुराम चौक, सरदार झाडू सिंह चौक रोड, बंजारा बस्ती, नप कार्यालय, कोर्ट रोड, चरखी दरवाजा, रविदास नगर, शनि मंदिर वाली गली, लोहारु रोड, मथुरी घाटी और काठमंडी क्षेत्र समेत नप कार्यालय में जलभराव की स्थिति है।
10 से अधिक मोटर और पंप सेट लगाए
सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर और गांवों में पंप सेट और मोटरों के जरिये पानी की निकासी करवा रही है। शहर की अगर बात करें तो दस से अधिक जगहों पर पंप सेट और मोटरें लगाई गईं हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश से पानी की निकासी नहीं हो पा रही। मोटरों को लगातार भी विभाग नहीं चला पा रहे हैं। डूंगरवाला जोहड़ के अलावा रोहतक फाटक, घिकाड़ा मोड़ पर बड़ी मोटर और पंप सेट लगाए गए हैं।
जलभराव के साथ फसल भी चौपट
गांव कंहेड़ी मोरवाल, भागवी, साहूवास, घिकाड़ा, फतेहगढ़, बिगोवा सहित अन्य गावों में जलभराव के साथ फसल का नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार कपास की करीब 75 फीसदी फसल खराब हो गई है। किसानों से सरकार से विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजे की मांग की है। किसान हवा सिंह, हरेंद्र, चरनजीत, सोमबीर, आदि का कहना है कि राम तो म्हारे पाछै पड़ ग्या, मी मै तो सारी कपास खराब हो ली। राम इब तो बस कर, कीतणा और बरसै गा।
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मथुरी घाटी क्षेत्र में भरा पानी और गुजरते लोग।
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चरखी दरवाजा क्षेत्र में सड़क पर भरा पानी और गुजरता स्कूटी सवार।
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बंजारा बस्ती में भरा पानी।
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रविदास नगर में भरा पानी।
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घर में घुसा पानी बाल्टी से निकालता व्यक्ति।
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अधिकारियों के आवास के बाहर भरा पानी।
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ये है डीसी आवास का हाल....उपायुक्त प्रदीप गोदारा की कोठी में घुसा पानी।
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काठमंडी क्षेत्र में भरा बारिश का पानी।