चरखी दादरी/बाढड़ा/बौंदकलां। जिले में इस बार पिछले साल के मुकाबले गेहूं की तीन गुना अधिक खरीद हुई। गत वर्ष 27 अप्रैल तक जिले में महज 50 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया था जबकि इस बार खरीद का आंकड़ा 1.75 लाख क्विंटल पहुंच चुका है। वहीं, सरसों की खरीद भी गत वर्ष के मुकाबले अब तक ज्यादा हुई है। इस बार जिले में गेहूं और सरसों के उठान की गति धीमी बनी है।
जिले के खरीद केंद्रों पर सरसों और गेहूं की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक की बात करे तो 2.65 लाख क्विंटल सरसों से 1.98 लाख की खरीद हो चुकी है। वहीं, गेहूं की आवक 2.10 लाख क्विंटल हुई है जिसमें से 1.75 लाख क्विंटल की खरीद हो चुकी है। जिले में पांच केंद्रों पर गेहूं की खरीद हो रही है और इनमें दादरी व बाढड़ा मंडी समेत झोझूकलां, बौंदकलां व छपार केंद्र शामिल है। इसी प्रकार सरसों की खरीद दादरी और बाढड़ा मंडी समेत झोझूकलां केंद्र पर हो रही है।
दादरी मंडी की बात करे तो अब तक 1,23,230 क्विंटल सरसों और 80,728 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। अब अगर उठान की स्थिति देखे तो 67 हजार क्विंटल सरसों और 45,349 क्विंटल गेहूं का उठान हुआ है। इसी प्रकार बाढड़ा मंडी में 51,600 क्विंटल सरसों की खरीद हुई है जिसमें से 2,86,365 क्विंटल का उठान हो चुका है। झोझूकलां केंद्र पर 16,630 क्विंटल सरसों और 3,686 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। इसमें से 3763 क्विंटल सरसों और 2924 क्विंटल गेहूं का उठान हो चुका है। छपार केंद्र पर 14279 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है जिसमें से 3,134 क्विंटल का उठान हो चुका है। बौंदकलां केंद्र पर 51,677 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है और इसमें से 20600 क्विंटल गेहूं गोदामों तक पहुंचाया जा चुका है।
- बाढड़ा में रोकनी पड़ी खरीद
बता दें कि बाढड़ा मंडी का दायरा पहले ही छोटा पड़ रहा है और उठान धीमा है। इसके चलते मंडी में दो दिन के लिए खरीद रोकनी पड़ी है। मंडी में वीरवार को खरीद नहीं की गई और शुक्रवार को भी ऐसी ही स्थिति रहेगी। उठान होने के बाद मंडी में खरीद शुरू की जाएगी।
- भुगतान की रफ्तार इस बार सही
खरीद और उठान के साथ भुगतान की बात करे तो नियमित रूप से किसानों के खातों में फसलों के रुपये पहुंचे हैं। अब तक जिले में करीब चालीस करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान हो चुका है। इस समय केवल उठान की तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
मंडी व खरीद केंद्रों में नियमित रूप से खरीद की जा रही है। उठान को अब गति दी जाएगी और इसके लिए निर्देश भी मिल चुके हैं।
-संदीप देशवाल, परचेज मैनेजर, हैफेड