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टेल तक नहीं पहुंच पा रहा पानी, 15 गांवों में पेयजल संकट

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चंपापुरी जलघर का खाली पड़ा टैंक। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। नहरों में इस बार 600 क्यूसेक ही पानी पहुंचा है। इसके चलते पानी जिले के अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों की टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है और जलघरों के टैंक अभी तक सूखे हैं। जिले में हर 15वें दिन 900 क्यूसेक पानी की खपत होती है, लेकिन इस बार जिले को 600 क्यूसेक पानी ही मिला है और यह टर्म चार माह बाद आई है। इसके चलते 15 गांवों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। वहीं, दूसरी ओर बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी कम मात्रा में छोड़े जाने से शहर के रामनगर जलघर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
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सर्दी में भी पेयजल को लेकर अब हालात खराब होने लगे हैं। पांच नवंबर से नहरों में 15 दिनों के लिए पानी छोड़ गया है, लेकिन अभी तक शहर व गांवों के स्टोरेज टैंक नहीं भरे जा सकेे हैं। शहर के दोनों जलघरों में छह भंडारण टैंक हैं जो अभी भी खाली पड़े हैं। जिले में हर 15वें दिन 900 क्यूसेक पानी की खपत है, तब जाकर जलघर भरे जा सकते है। इस समय नहरों में 600 क्यूसेक पानी चल रहा है।
एक माह की भंडारण क्षमता के बाद ही दूर होगी किल्लत
शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता कम है। इस वजह से समय- समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए कम से पानी की कम एक माह की स्टोरेज क्षमता होनी चाहिए तब पेयजल की किल्लत दूर हो सकती है। विभाग ने पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ानेे के लिए दो नए वाटर टैंक निर्माण के लिए एस्टीमेट फाइल हैड ऑफिस भेज रखी है, लेकिन उसे भी मंजूरी नहीं मिली है।
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वर्जन::
नहरों में 15 दिन पानी चलेगा। सभी जलघरों को प्राथमिकता के साथ भरा जाएगा। इस बार नहरी पानी की खेतों की सिंचाई के लिए जरूरत नहीं है ऐसे में जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जाएगा। अशोक तंवर, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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