क्षेत्र में दूसरे दिन सोमवार को भी कोहरा छाया रहा और दृश्यता 20 मीटर से भी कम आंकी गई। शहर में सुबह साढ़े नौ बजे के बाद कोहरा छटा जबकि बाहरी क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे तक कोहरे का प्रकोप बना रहा। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 23 व न्यूनतम 8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, मौसम विशेषज्ञों की मानें तो मंगलवार को बादलवाही बने रहने का अनुमान है।
सोमवार को छह किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। दिन के समय धूप खिलने पर ठंड का प्रभाव कम हो गया। सुबह के समय घना कोहरा छाने के चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी कम रही। रोडवेज बसें निर्धारित समय से देरी से पहुंची जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। वहीं, स्कूली बच्चों को भी खासी परेशानी हुई।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को क्षेत्र में बादलवाही बने रहने का अनुमान है। फिलहाल यह मौसम रबी की फसलों के अनुकूल माना जा रहा है। गेहूं में अब दूसरी सिंचाई की जरूरत बनी हुई है। किसानों का मानना है कि अगर इस समय बारिश हो जाती है तो फसलों में काफी फायदा पहुंच सकेगा। एक सिंचाई की भी बचत हो जाएगी।
- ठंड से बचाव के कपड़ों की बढ़ी मांग
सर्दी बढ़ने बनने से बाजारों में पिछले एक सप्ताह से ठंड से बचाव के वस्त्रों की मांग बढ़ने लगी है। इससे गारमेंट्स मार्केट का कारोबार बढ़ा है। शहर की बात करें तो 100 और जिले में 200 से अधिक गारमेंट्स शॉप है। गारमेंट्स मार्केट दिसंबर के प्रथम सप्ताह में भी मंदी से गुजर रही थी, लेकिन अब ठंड बढ़ने से संचालकों को अच्छा कारोबार होने की उम्मीद जगी है।
- सिविल अस्पताल की ओपीड़ी पहुंची 1300
सर्दी में लोग खांसी, जुकाम व बुखार की चपेट में आ रहे हैं जबकि सीने में दर्द और सांस लेने की तकलीफ के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। सिविल अस्पताल की बात करें तो ओपीडी करीब 1300 तक पहुंच गई है। प्रतिदिन 400 मरीज सामान्य बीमारियों का उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों ने इस मौसम में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
कड़कड़ाती ठंड में स्कूल जाने को विवश बच्चे
जिले में पिछले एक सप्ताह से ठंड का असर जारी है। वहीं, शिक्षा विभाग और सरकार ने एक जनवरी से शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है, लेकिन अभी विद्यार्थियों को पांच दिन और ठंड का सितम झेलना पड़ेगा। इस समय विद्यार्थी कड़कड़ाती ठंड में स्कूल जाने को विवश हैं और इससे अभिभावकों के जहन में बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता बनी हुई है।