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तीन बडे पार्कों का रख-रखाव करेगी ऐजेंसी, नप ने वर्क ऑडर किया जारी

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चरखी दादरी। शहर के मुख्य तीन पार्कों की हालत बदहाल बनी है। हालात ये हैं कि बारिश का पानी जमा है और झूले, जिम तक पानी में डूबे है। नप के पास पहले ही कर्मचारियों का टोटा है। ऐसे में अब इन पार्कों की देखभाल की जिम्मेदारी एक एजेंसी के माध्यम से की जाएगी। यानी लोगों के घूमने के लिए शहर में बनाए गए तीन पार्कों का रख-रखाव अब नगर परिषद की बजाय एजेंसी करेगी। इनमें रोज गार्डन समेत वार्ड-17 और 18 में हरियाणा स्वर्ण जयंती योजना के तहत बनाए गए दो पार्क शामिल हैं। इस संबंध में वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं। हालांकि वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद अब तक इस दिशा में कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
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शहर के इन तीनों पार्कों का रख-रखाव अब तक नगर परिषद कर रही थी। दो पार्क तो छह माह पहले ही बनकर तैयार हुए हैं। इससे पहले पूरा शहर रोज गार्डन पर निर्भर था। यह शहर का मुख्य पार्क है, लेकिन बारिश के बाद से यह बदहाल है। सितंबर माह में बारिश का पानी पार्क में भर गया था और अब भी पार्क में कई जगहों से पानी की निकासी नहीं हो पाई है। कमोबख्श ये ही स्थिति हरियाणा स्वर्ण जयंती योजना के तहत वार्ड-17 में बनाए गए पार्क की है। इस पार्क के निर्माण पर एक करोड़ रुपये खर्च हुए थे जबकि तमाम व्यवस्थाएं यहां अब तक नहीं की गई हैं। फिलहाल पार्क के रख-रखाव की तरफ नगर परिषद का ध्यान नहीं है और पार्क के दो तिहाई भाग में सीवर का दूषित पानी भरा हुआ है। वार्डवासी सुनील, अमित, नीटू, सतेंद्र, मनोज और दीपक ने बताया कि बीस दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी पार्क से पानी की निकासी नहीं करवाई गई है। दूषित पानी पानी भरा रहने से अब लोग पार्क में आने से कतरा रहे हैं। जो लोग पार्क आते हैं वो जलभराव से अछूते एक चौथाई हिस्से में ही घूमकर चले जाते हैं। पार्क में स्थापित की गई ओपन जिम की मशीनें भी पानी में डूबी हैं और खराब हो रही है।
सूत्रों के अनुसार करीब एक माह पहले पार्कों के रख-रखाव का कार्य एजेंसी को देने के वर्क ऑर्डर जारी हुए थे। इसके बाद से अगली प्रक्रिया को सिरे चढ़ाकर एजेंसी को तीनों पार्क हेंडओवर नहीं किए गए हैं। वहीं, नप अधिकारी का कहना है कि जल्द ही पार्क एजेंसी को सुपुर्द कर हिदए जाएंगे और इसके बाद उनकी मरम्मत, रख-रखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी एजेंसी की ही होगी। वहीं, एजेंसी का कहना है कि जल्द ही पार्कों को टेकअप कर लिया जाएगा। इसके बाद यहां कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार सात रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से पार्कों के रख-रखाव का ठेका दिया गया है।
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- पांच मिनी पार्क भी बदहाल, लंबे समय से नहीं ली गई सुध
इन तीन बड़े पार्कों के रख-रखाव की जिम्मेदारी तो नप अधिकारियों ने एजेंसी को दे दी है, लेकिन बदहाल मिनी पार्कों की तरफ अब तक ध्यान नहीं दिया है। इन पार्कों का अगर जीर्णोद्धार करवाया जाए तो समीपवर्ती लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। इस समय नप के एक छोटे पार्कों पर तो रेहड़ी वालों का कब्जा है। वहीं, मंगल मार्केट और तिकोना चौक पार्क भी बदहाल हैं।
- पानी में डूबे झूले, जलभराव से घास भी हुई खराब
मानसून की बारिश का असर अब भी शहर के पार्कों में देखने को मिल रहा है। वार्ड-17 के पार्क की ओपन जिम में पानी भरा है जबकि रोज गार्डन के झूले भी पानी में डूबे हुए हैं। इतना ही नहीं रोज गार्डन में कई जगहों पर पानी भरने से घास भी खराब हो चुकी है। यहां ज्यादातर झूले एक ही जगह पर हैं और ऐसे में बच्चे जलभराव और कीचड़ के चलते यहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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वर्जन:
इसके वर्क ऑर्डर हम कर चुके हैं। जल्द ही पार्क एजेंसी को सुपुर्द कर दिए जाएंगे और इसके बाद रख-रखाव की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी।
सुनील कुमार, एमई, नगर परिषद
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वर्जन
पार्क का पानी नहीं सूख रहा है। यहां डी-वॉटरिंग के प्रबंध नहीं हैं। जल्द ही हम पार्कों को टेकअप कर लेंगे।
सुधीर, ठेकेदार
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