कृष्णलाल ने बताया कि वह आर्मी से सेवानिवृत्त है। उसका बेटा अपने बीवी बच्चों के साथ दादरी में रहता है और वहीं उसकी अपनी दुकान है। उसका व उनकी पत्नी का रोहतक अस्पताल में इलाज चल रहा है, इसलिए उन्होंने 62 हजार रुपये घर में लाकर रखे थे, ताकि जरूरत पड़ने पर बैंक के चक्कर न लगाने पड़े।
चरखी दादरी के गांव कादमा में दस दिनों से बंद पड़े एक घर को चोरों ने अपना निशाना बनाकर बनाकर नकदी व जेवरातों पर हाथ साफ कर लिए। पीड़ित मकान मालिक की शिकायत पर बाढड़ा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का जायजा लेकर साक्ष्य जुटाए।
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पुलिस को दी शिकायत में कादमा निवासी कृष्णलाल ने बताया कि गत दस दिनों से स्वास्थ्य संबंधी कारणों से वह घर से बाहर था। कादमा स्थित उसका घर बंद था। उसने बताया कि 11 मार्च को उसकी भाभी ने उसे अंदर का दरवाजा खुला होने की जानकारी दी। बाद में उसी दिन सुबह दस बजे जब वह घर पहुंचा तो मकान के मुख्य दरवाजे का ताला सलामत था, लेकिन अंदर जाने पर सीढ़ी वाले गेट का ताला टूटा मिला।
इसके बाद उन्हें घर के कमरों में सामान भी बिखरा हुआ था। बाद में जब उन्होंने समान की जांच की तो अलमारी में रखा बैग चोरी मिला। बैग में करीब 62 हजार रुपये थे। इसके साथ ही घर से चोर 2 सोने की अंगूठी, 2 जोड़ी चांदी की पाजेब, 2 चांदी के नोट, 10 चांदी के सिक्के व एक चांदी का नारियल ले गए। बाद में उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बीमारी के इलाज के लिए घर में रखे थी नकदी
कृष्णलाल ने बताया कि वह आर्मी से सेवानिवृत्त है। उसका बेटा अपने बीवी बच्चों के साथ दादरी में रहता है और वहीं उसकी अपनी दुकान है। उसका व उनकी पत्नी का रोहतक अस्पताल में इलाज चल रहा है, इसलिए उन्होंने 62 हजार रुपये घर में लाकर रखे थे, ताकि जरूरत पड़ने पर बैंक के चक्कर न लगाने पड़े। उनका कहना है कि चोर छत के माध्यम से घर में घुसे।