चरखी दादरी। पिछले दो माह से सिविल अस्पताल में बिजली गुल रहने की समस्या बनी हुई है। इसके चलते विशेषज्ञों को अंधेरा में मरीजों का उपचार करना पड़ रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। समस्या के समाधान के लिए सिविल अस्पताल परिसर में 24 जगह चार्जिंग बल्ब लगाए गए हैं जो बत्ती गुल होते ही अपने आप जल जाएंगे। वहीं, इमरजेंसी कक्ष में एक ऐसा बल्ब दिया गया जो पानी लगते ही अपने आप जल जाएगा।
बता दें कि सिविल अस्पताल हॉटलाइन से जुड़ा हुआ है, लेकिन बावजूद इसके दो से तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। यहां रखा जेनरेटर ग्रैप नियम के चलते वर्किंग में नहीं लिया जा रहा है। दूसरी ओर अस्पताल परिसर में लगे इंवर्टर-बैटरी की लंबे समय से सुध नहीं ली गई जिसके चलते ये खराब होने से शो-पीस बने हैं। बिजली गुल होते ही सिविल अस्पताल परिसर में अंधेरा पसर जाता था और विशेषज्ञों व कर्मचारियों को मोबाइल की रोशनी में उपचार करना पड़ता था। तीन दिन पहले ही मोबाइल टॉर्च की रोशन में डिलिवरी कराने की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी जो बिजली समस्या की बानगी भी है।
बत्ती गुल होने की स्थिति में सिविल अस्पताल में अंधेरा न हो, इसकी सोमवार को व्यवस्था कर दी गई है। दरअसल, विभाग ने समस्या से पार पाने के लिए 35 चार्जिंग बल्ब खरीदे हैं और इनमें से 24 बल्ब अस्पताल परिसर में अलग-अलग जगह लगाए दिए गए हैं। लाइट जाते ही ये बल्ब अपने आप जल जाएंगे। इसके अलावा इमरजेंसी कक्ष स्टाफ को एक ऐसा बल्ब दिया गया जो पानी के संपर्क में आते ही जल जाएगा।
- कर्मचारी नहीं कर सकेंगे एमसी गिराने की गफलतबाजी
सूत्रों की मानें तो हॉटलाइन के बावजूद तीन से चार घंटे बिजली गुल रहना बेहद परेशानी पैदा करता है। विभागीय अधिकारियों को अंदेशा है कि मरीजों की संख्या ज्यादा होने पर कोई कर्मचारी जान-बूझकर भी एमसी गिरा सकता है, ताकि उसे काम न करना पड़ा। अब जो चार्जिंग बल्ब लगाए गए हैं उनसे एमसी डाउन करने का तुरंत पता चल जाएगा।
- यहां लगाए गए चार्जिंग बल्ब
सिविल अस्पताल परिसर के नए भवन में, गैलरी में, महिला और पुरुष वार्ड में, लेबर रूम, डिलिवरी रूम में, वार्ड गैलरी आदि 24 जगहों पर चार्जिंग बल्ब लगाए गए हैं।
- पांचों खराब इन्वर्टर करवाए जाएंगे दुरुस्त
सिविल अस्पताल में बनी बिजली कट की समस्या पर संज्ञान लेकर कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने चार्जिंग बल्ब की व्यवस्था करवाने के साथ सिविल अस्पताल परिसर में खराब पड़े पांच इन्वर्टर-बैटरी की तरफ भी ध्यान दिया। अधिकारियों का दावा है कि सभी इन्वर्टर भी तत्काल ठीक करवाए जाएंगे।
-हमने 35 चार्जिंग बल्ब खरीदे हैं जिनमें से 24 अलग-अलग प्वाइंट्स पर लगवा दिए गए हैं। बत्ती गुल होते ही ये बल्ब अपने आप जल जाएंगे। एमसीबी डाउन की गई तो उसका भी तत्काल पता चल जाएगा।
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डॉ. गौरव भारद्वाज, कार्यवाहक सीएमओ