गांव का दूषित पानी अब जोहड़ों से ओवरफ्लो नहीं करेगा। इस पानी को फिल्टर कर खेतों में सिंचाई के काम में प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए पंचायत विभाग जिले के 14 गांवों में मॉडल पोंड (तालाब) बनवाने जा रहा है। इन तालाबों के निर्माण पर आठ करोड़ सात लाख रुपये खर्च होंगे।
जिले के गांव घिकाड़ा, रानीला, मोरवाला, बाढड़ा, भागवी और बौदकलां में मॉडल पोंड निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के साथ वर्क ऑर्डर अलॉट हो चुके हैं। इन गांवों में मॉडल पोंड निर्माण पर तीन करोड़ 37 लाख का बजट खर्च किया जाएगा। जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।
गांव डोहका हरिया, जेवली, बिगोवा, सांजरवास, बास मुस्तिल रानीला, और चरखी में भी पंचायत विभाग मॉडल पोंड बनवाएगा और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पाइप लाइन में है। अधिकारियों के अनुसार टेंडर ओपन हो चुके हैं और जल्द अलॉटमेंट हो जाएगी। इन गांवों में चार करोड़ 70 लाख रुपये खर्च होंगे।
विभाग द्वारा बनाए जा रहे मॉडल पोंड के किनारे गांवों की गलियों से आने वाले दूषित पानी को साफ करने के लिए बैकलैंड टैंक बनाया जाएगा। दूषित पानी के साथ आई गाद को पोंड में जाने से रोकने के लिए एक फुट ऊंचे दस ब्रेकर बनाए जाएंगे। उसके बाद दस मीटर दूरी में छोटे पौधे और फिर दस मीटर की दूरी में बड़े पौधे लगाए जाएंगे और इनसे गुजरकर पानी टैंक में गिरेगा। इसके बाद जाली से होकर यह पानी तालाब में पहुंचेगा। इस पानी का यहां से उठान कर फसलों में सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाएगा।
जिले के गांवों में 17 मॉडल पोंड बनाए जाएंगे और इनसे ग्रामीणों को काफी सुविधाएं मिलेंगी। वर्क ऑर्डर जारी कर कुछ पर काम शुरू करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं और कुछ की टेंडर प्रक्रिया अभी पाइपलाइन में है। इस प्रोजेक्ट पर करीब आठ करोड़ सात लाख रुपये लागत आने की संभावना है। -भरत सिंह, एक्सईएन, पंचायत विभाग