चरखी दादरी। शहर में वर्षों पुरानी सीवर लाइनें लोगों के साथ जन स्वास्थ्य विभाग के लिए भी आफत बनी हुई है। फिलहाल शहर की दो बड़ी सीवर लाइनें धंसी हैं। इन्हें बदलने में अभी समय लगेगा और तब तक विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये काम चलाएगा। इन दोनों सीवर लाइनों के जरिये 60 फीसदी शहर का दूषित पानी समसपुर और रामनगर एसटीपी त पहुंचता है। एक लाइन से 40 फीसदी तो दूसरी से 20 फीसदी शहर जुड़ा है।
जन स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के अनुसार रावलधी-दिल्ली बाईपास पर 800 एमएम की लाइन क्षतिग्रस्त है। इस लाइन के जरिये रोहतक चौक के आसपास के क्षेत्र के अलावा मुख्य बाजार का दूषित पानी एसटीपी तक पहुंचाया जाता है। वहीं, दूसरी लाइन कनीना रोड पर क्षतिग्रस्त है और वो लाइन 500 एमएम की है। उस लाइन से करीब 20 फीसदी शहर का दूषित पानी रामनगर एसटीपी तक पहुंचता है। दोनों बड़ी सीवर लाइनों के वर्किंग में न होने से व्यवस्था को बरकरार रखना विभाग के लिए चुनौती बना है।
हालांकि इन लाइनों को बदलवाने की योजना विभाग तैयार कर चुका है। इसके लिए एस्टिमेट तैयार करवाया जा रहा है और जल्द ही यह एस्टिमेट तैयार होने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दोनों मुख्य लाइनों को दुरुस्त करवाने पर विभाग का फोकस है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही योजना को धरातल पर अमलीजामा पहना दिया जाएगा और इसके बाद सीवर व्यवस्था में काफी सुधार होगा।
- लाइन बदलते ही रामनगर एसटीपी आएगा वर्किंग में -
मुख्य लाइन डैमेज होने के चलते रामनगर एसटीपी लंबे समय से वर्किंग में नहीं है और इसके कारण एसटीपी से जुड़े वार्ड-4, 11 और 12 में सीवर व्यवस्था बेपटरी है। यहां खाली प्लॉटों में सीवर का दूषित पानी निकाला जा रहा है। मुख्य लाइन के बदलते ही एसटीपी वर्किंग में आ जाएगा और इसके बाद इन वार्डों के लोगों को सीवर समस्या से राहत मिल सकेगी।
- विभाग ने बड़ी लाइन के समांतर बिछाई छोटी लाइन
बड़ी लाइन से पानी की निकासी न होने के कारण जन स्वास्थ्य विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इसके समांतर छोटी लाइन बिछाई है। हालांकि इस लाइन से बड़ी लाइन के मुकाबले काफी कम पानी एसटीपी तक पहुंच रहा है, लेकिन लाइन ठीक होने तक यही एकमात्र विकल्प है और विभाग इसके जरिये ही एसटीपी तक मुख्य लाइन का पानी पहुंचा रहा है।
- पहले भी धंस चुकी सीवर लाइन
करीब छह माह पहले ही पुराना दिल्ली रोड क्षेत्र में भी सीवर की मुख्य लाइन धंस गई थी। करीब तीन किलोमीटर लंबी सीवर लाइन से पानी की निकासी ठप होने के चलते 60 फीसदी शहर को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था और विभाग ने करीब एक माह बाद उस लाइन को दुरुस्त करवाया था।
दोनों मुख्य लाइनों को जल्द दुरुस्त करवा दिया जाएगा और तब तक हम वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे काम चला रहे हैं। लाइनों को बदलने का एस्टिमेट जल्द तैयार करवाकर मुख्यालय भेज दिया जाएगा और वहां से मंजूरी मिले ही हम काम शुरू करवा देंगे।
- रमेशचंद्र गौड़, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
रावलधी-दिल्ली बाईपास पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर बिछाई गई छोटी पाइप लाइन।- फोटो : CharkhiDadri