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शहर में दस व बाढड़ा में हुई आठ एमएम बारिश

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बारिश के दौरान बस स्टैंड रोड से गुजरते वाहन। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। क्षेत्र में बुधवार को दिनभर बारिश होती रही। इससे जहां आमजन को आवागमन में परेशानी हुई तो वहीं रबी की फसलों के लिए बेहद फायदेमंद है। शहर में करीब दस और बाढड़ा में आठ एमएम बारिश दर्ज की गई। बुधवार शाम चार बजे अधिकतम तापमान 21.7 व न्यूनतम 10.7 डिग्री दर्ज किया गया।
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मौसम में बदलाव आने से मंगलवार रात से ही आसमान में बादल छा गए और इसके बाद बारिश शुरू हो गई। बारिश का दौर बुधवार शाम तक चला। कई घंटों तक यह स्थिति रहने से लोगों को अपने दैनिक कामकाज निपटाने में दिक्कतें आई। शाम तक बारिश होती रही। बारिश से शहर के कई भागों में सीवर व्यवस्था बेपटरी हो गई।
65 हजार हेक्टेयर में सरसों और 40 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल
जिला में मौजूदा रबी सीजन में सरसों का बिजित रकबा 65 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। इस बार सरसों की बिजाई पिछले साल की तुलना में ज्यादा हुई है। इस सीजन में गेहूं की बिजाई का रकबा करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र है। करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जौ व मेथी की भी बिजाई किसानों ने कर रखी है। इनके अलावा सब्जी व अन्य फसलों की खेती भी कर रखी है। इस बारिश से सभी प्रकार की फसलों में फायदा पहुंचा है।
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किसान बोले: म्हा-पौ का लारा-झारा, चाहे फागण बरसो सारा....
किसान जगमाल व सोमबीर सिंह का कहना है कि बारिश नहीं किसानों के लिए सोना बरसा है। उन्होंने हरियाणवी में बताया कि म्हा-पौ का लारा-झारा चाहे फागण बरसो सारा। किसानों ने बताया कि माघ व पौष माह में तो इतनी बारिश ही काफी होती है जबकि फाल्गुण मास में फसलों कटाई का समय आ जाता है ऐसे में उस समय बेशक कितनी ही बारिश होती रहे उसका नुकसान के सिवाय कोई कोई फायदा नहीं होता।
एक्सपर्ट व्यू : स्वास्थ्य का ख्याल रखें लोग
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि बारिश से मौसम में बदलाव आया है और इससे ठंड बढ़ेगी। इस मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए इस मौसम में खांसी, जुकाम या बुखार को हल्के में न लें। गर्म और पूरे कपड़े पहनकर ही घरों से बाहर निकलें।
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बारिश से रबी की सभी प्रकार की फसलों में फायदा पहुंचेगा। बारिश एक प्रकार से खाद का ही काम करती है। फसलों में दाना का पकाव बढ़िया जा पाएगा।
जितेंद्र सिहाग, कृषि तकनीकी अधिकारी
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