चरखी दादरी। प्री-मानसून की 70 एमएम बारिश ने ही व्यवस्थाओं को पानी-पानी कर दिया, जबकि मानसून की बारिश अभी बाकी है। बावजूद इसके न तो सीवर व्यवस्था पटरी पर है और न ही जन स्वास्थ्य विभाग संसाधनों की कमी दूर कर पाया है। आलम यह है कि अब तक दादरी जिले को सुपर सकर मशीन नहीं मिली और न ही ड्रेन नंबर आठ का प्रोजेक्ट पूरा हुआ है। ऐसे में मानसून की बारिश में शहरवासियों का परेशानियां झेलना तय है। एसटीपी से आगे पानी पहुंचाने का भी विभाग के पास कोई विकल्प नहीं है और ऐसे में शहर इस मानसून में जल चक्र के भंवर में फंसेगा।
बता दें कि गत मानसून में शहर में जलभराव हो गया था और एक सप्ताह तक बाजार बंद रहा था। पिछले साल की स्थिति से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार विभागों की मार्फत नालों की सफाई करवाई, जबकि शहर में सदर थाने के पिछली तरफ स्थित जोहड़ को भी खाली करवाया। प्री-मानसून की बारिश में ही नाले ओवर फ्लो कर गए, जबकि जोहड़ में भी पानी का स्तर बढ़ गया। प्री-मानसून की बारिश में हालात देखने के बाद शहरवासियों के मन में एक ही सवाल है, मानसून में क्या हालात होंगे? बड़े प्रोजेक्ट परवान न चढ़ने से जन स्वास्थ्य विभाग के पास भी इस सवाल का कोई जवाब नहीं है।
दरअसल, जन स्वास्थ्य विभाग की दो बड़ी लाइनें भी डैमेज हैं और इनके समानांतर छोटी लाइन डालकर वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे पानी समसपुर एसटीपी तक पहुंचाया जा रहा है। वहां से आगे पानी पहुंचाने का कोई प्रबंध नहीं है और विभाग इस मानसून के लिए पूर्णतया ड्रेन नंबर आठ प्रोजेक्ट पर निर्भर था। यह प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हुआ है जबकि शहर में विभिन्न स्थानों पर सीवर लाइनें भी ब्लॉक हैं। इन ब्लॉकेज को सुपर सकर मशीन से खाली किया जा सकता है, जो विभाग के पास नहीं है। ऐसे में इस बार भी विभाग बारिश के पानी को एक जगह से दूसरी जगह ही डालेगा जो जलभराव से निजात दिलाने की स्थायी व्यवस्था नहीं है।
आश्वासन ही मिले, नहीं मिली सुपर सकर मशीन
दादरी जिले को सुपर सकर मशीन की कमी पिछले तीन सालों से खल रही है। जिला कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल लगातार तीन बैठक में जल्द जिले को सुपर सकर मशीन मिलने का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन ऐसा अब तक नहीं हुआ है। उनसे पहले तत्कालीन कृषि मंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने भी दादरी जिले को सुपर सकर मशीन दिलाने का वादा किया था जो पूरा नहीं किया गया।
यूं जल चक्र में फंसेगा दादरी शहर
जन स्वास्थ्य विभाग का रामनगर एसटीपी वर्किंग में नहीं है जबकि समसपुर एसटीपी की स्टोरेज क्षमता कम है। समसपुर एसटीपी तक तो विभाग जैसे-तैसे पानी पहुंचा देगा, लेकिन एसटीपी के टैंक से आगे पानी की निकासी का प्रबंध नहीं है। ऐसे में विभाग खाली जगहों पर पिछले साल की तरह पानी की निकासी करेगा और वहां पानी की मात्रा बढ़ने पर उसका मोटरों या पंप सेट के जरिये उठान कर दूसरी खाली जगह पर डाला जाएगा।
शहर में यहां ठप है सीवर व्यवस्था
शहर में इस समय हरी नगर, वाल्मीकि नगर, कबीर नगर, चरखी दरवाजा, गांधी नगर, रोहतक रोड, लोहारू रोड, बस स्टैंड के पिछली तरफ, एमसी कॉलोनी आदि क्षेत्रों में सीवर व्यवस्था ठप है और इसके चलते लोग परेशानियों का दंश झेल रहे हैं।
डीसी स्वयं दौरा कर दे चुके निर्देश
डीसी श्यामलाल पूनिया शहर की बेपटरी सीवर व्यवस्था से बखूबी वाकिफ हैं। यहीं कारण है कि उन्होंने मानसून से पहले शहर के विभिन्न भागों का दौर कर संबंधित विभागों को जलभराव से निपटने के आवश्यक निर्देश दिए थे। उनके निर्देशों के बाद ही नालों की सफाई का कार्य शुरू करवाया गया।
ड्रेन नंबर आठ प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है और जल्द ही यह कार्य पूरा हो जाएगा। सुपर सकर मशीन फिलहाल हमें नहीं मिली है। मानसून सीजन की तैयारियों के तहत हमने मोटरों व पंप सेट रखवा दिए हैं। शहरवासियों को मानसून सीजन में दिक्कतें नहीं आने दी जाएंगी।
- सोहन लाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।