चरखी दादरी। दादरी जिले के माइनिंग जोन में पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए अधिकारियों की टीम का गठन कर सर्वे करवाया जाए। ओवरलोडिंग और अवैध खनन को पूरी तरह से बंद किया जाए और माइनिंग कंपनियां पंचायतों की बकाया राशि का जल्द भुगतान करें। जिला खनन सतर्कता बल की बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने ये निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खेड़ी बत्तर, पिचौपा, बिरही, अटेला, मानकावास, रामलवास, कलियाणा आदि जोन में प्रदूषण रोकने के लिए अधिकारियों की टीम सर्वे कर अपनी रिपोर्ट जमा करवाए। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया को कहा कि नगराधीश, एसडीएम, डीएसपी आदि प्रमुख अधिकारी माइनिंग व क्रशर जोन का निरीक्षण करें। प्रदूषण नियंत्रण और पौधरोपण की स्थिति देखने के लिए उपायुक्त खुद भी अधिकारियों के साथ माइनिंग जोन का दौरा करेंगे। क्रशरों के आसपास सात मीटर की दूरी में ग्रीन बेल्ट का होना आवश्यक है।
गहराई में खुदाई पर लगाई जाए रोक -
उन्होंने कहा कि खनन कंपनियां पहाड़ की तलहटी में भूजल स्तर तक 300 से 400 फुट की गहराई में जाकर खुदाई कर रही हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए। रोहतक से सरकारी भूजल विशेषज्ञ को बुलाकर इसकी जांच करवाई जाए और वाटर लेवल में माइनिंग पर उचित कार्यवाही होनी चाहिए। श्यामलाल पूनिया ने कहा कि क्रशर जोन की राजस्व व वन विभाग से तसदीक करवा कर निशानदेही करवाई जाए, जिससे सरकारी या पंचायती जमीन में खनन कार्य पर प्रतिबंध लगाया जा सके।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों की करोड़ों की राशि बकाया पड़ी हुई है। माइनिंग कंपनियां बकाया रकम शीघ्र पंचायत विभाग को अदा करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कों पर खनन सामग्री ढो रहे भारी वाहन दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। इन वाहनों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को चेक किया जाए और जो डंपर चालक ओवरलोडिंग गाड़ी या तेज गति से वाहन चला रहे हैं, उनके लाइसेंस जब्त कर लिए जाएं।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि छिड़काव के लिए कोई कंपनी या क्रशर मालिक एसटीपी का पानी मांगते हैं तो उसकी कार्ययोजना बनाकर पिचौपा या खेड़ी बत्तर में एसटीपी से पाइपलाइन बिछवा दी जाए। इससे जलभराव की समस्या का समाधान होगा और खनन कार्य के दौरान धूल भी नहीं उड़ेगी। आबकारी एवं कराधान अधिकारी भी जोन में रिकवरी पर ध्यान दें। इस अवसर पर एडीसी अनुराग ढालिया, एसडीएम अनिल यादव, नगराधीश नरेंद्र कुमार, उप पुलिस अधीक्षक जोगेंद्र सिंह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी अजीत सिंह, जिला आबकारी एवं कराधान आयुक्त अनुपमा सिंह, ईटीओ नीरज, जिला खनन अधिकारी भूपेंद्र सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर ओमप्रकाश उपस्थित रहे।