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सीधे जलघर से जुड़ेंगे सातों बूस्टिंग स्टेशन, लो प्रेशर से मिलेगी निजात

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चंपापुरी जलघर का वाटर स्टोरेज टैंक। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। शहर में बनी लो-प्रेशर पेयजल आपूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग सभी सात बूस्टिंग स्टेशन को सीधे जलघरों से जोड़ेगा। इसके लिए नई पाइप लाइन डाली जाएंगी। यह योजना 20 करोड़ की पेयजल परियोजना का ही हिस्सा है। विभाग ने इसका प्रारूप तैयार कर स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेज दिया है। बूूस्टिंग स्टेशन सीधे जलघर से जोड़ने की योजना धरातल पर पूरी होते ही 80 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा।
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इस समय मुख्य लाइनों के जरिये बूस्टिंग स्टेशन तक पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन अवैध कनेक्शनों की भरमार के चलते पर्याप्त पानी बूस्टिंग स्टेशनों तक नहीं पहुंच पा रहा है और लो-प्रेशर आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। इसको दूर करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत दो बड़े टैंक बनवाए जाएंगे और लोहारू कैनाल से जलघर तक नई लाइन डाली जाएगी। इसके अलावा शहर की जर्जर पेयजल लाइनों को भी बदला जाएगा। विभाग ने बूस्टिंग स्टेशनों को सीधे जलघरों से जोड़ने की अब जो योजना तैयार की है वो भी इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा है। विभाग ने पूरा योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेजा है।
जलघर भी होने हैं अपग्रेड, दो रिजर्व टैंक भी बनाने की तैयारी
शहर का चंपापुरी जलघर करीब 45 साल पुराना है, जबकि रामनगर जलघर करीब 13 साल पुराना है। दोनों जलघरों के निर्माण के बाद शहर की आबादी बढ़कर करीब दोगुना हो गई है और इन दोनों जलघरों को अपग्रेड करने की योजना विभाग तैयार कर चुका है। पानी भंडारण के लिए दो रिजर्व टैंक बनवाना भी इसी योजना का हिस्सा है। इसके अलावा शहर की करीब बीस से अधिक गलियों में पहली बार पेयजल लाइन भी डाली जाएगी।
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शहर में 800 से अधिक अवैध कनेक्शन
शहर में पानी की असमान वितरण की समस्या भी बनी हुई है और इसका कारण बूस्टिंग स्टेशन तक कम पानी पहुंचना भी है। हालांकि विभाग बूस्टिंग स्टेशनों के लिए मुख्य लाइन में पर्याप्त पानी छोड़ता है, लेकिन अवैध कनेक्शनों की भरमार के चलते पानी चोरी हो रहा है और बूस्टिंग स्टेशन पर खपत के अनुरूप पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। शहर में अभी भी करीब 800 से अधिक अवैध कनेक्शन हैं।
शहर में 40 किलोमीटर लंबाई में बिछी है पेयजल लाइन
शहर के ज्यादातर हिस्सों में करीब चार दशक पुरानी सीमेंटेड पेयजल लाइन बिछी हुई हैं जो कई जगहों पर कंडम हो चुकी है। इसके चलते कॉलोनियों में दूषित और लो-प्रेशर आपूर्ति की समस्या भी बनी हुई है। विभाग सभी जर्जर पेयजल लाइनों को बदलवाने की योजना तैयार कर चुका है। शहर में करीब 40 किलोमीटर लंबाई में पेयजल लाइनें बिछी हुई हैं।
वर्जन::
यह प्रोजेक्ट तैयार कर हैड ऑफिस मंजूरी के लिए भेज दिया है। प्रोजेक्ट को जल्दी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। बजट मिलते ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। हमारी योजना है कि मई माह से पहले इस काम पूरा हो जाए ताकि गर्मी के मौसम में पानी का संकट न बने।
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दलबीर सिंह दलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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फोटो 19
चंपापुरी जलघर का वाटर स्टोरेज टैंक।
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