फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

70 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त, बिगड़ी शहर की सफाई व्यवस्था

विज्ञापन
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बाद पहुंचे ऑटो टीपर में कचरा डालते लोग। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
चरखी दादरी। शहर की आबादी और क्षेत्र के लिहाज से पहले ही सफाई कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे नगर परिषद के समक्ष अब नई समस्याएं खड़ी हो गई है। नप में आउटसोर्सिंग के तहत लगे 70 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त हो गई है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। दूसरी ओर डीएमसी के पास आउटसोर्सिंग के तहत 70 कर्मचारी रखने की भेजी फाइल में 30 की स्वीकृति दी गई है, जबकि 40 कर्मचारियों को अनुबंध के आधार पर रखने पर ऑब्जेक्शन लग गया है। नप अधिकारियों का कहना है कि ऑब्जेक्शन दूर करके फाइल दोबारा से डीएमसी को स्वीकृति के लिए भेजी है और अनुमति मिलने के बाद 40 कर्मचारियों को नियुक्ति दी जाएगी।
विज्ञापन

शहर की आबादी करीब 90 हजार है। 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की तैनाती का प्रावधान है, लेकिन नगर परिषद के पास इस मुताबिक सफाई कर्मचारी नहीं हैं। जून की अगर बात करें तो 233 कर्मचारी थे। अब इनकी संख्या 170 ही बची है। सूत्रों के अनुसार पिछले दो माह में आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत एजेंसी से हायर किए 70 कर्मचारियों के अनुबंध की समयसीमा पूरी हो चुकी है। एजेंसी का दोबारा कांट्रेक्ट रिन्यूअल नहीं हो पाया है। 20 कर्मचारियों की सेवाएं लेना नगर परिषद ने इसी माह बंद किया है। उन्हें आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 के तहत हायर किया गया था। करीब 70 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होने से एक चौथाई कर्मचारी कम हो गए हैं और इसका असर सीधे तौर पर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। हालांकि नप अधिकारी जल्द से जल्द अनुबंध की फाइल को स्वीकृति दिलाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
नगर परिषद में नियमित के अलावा डीसी रेट और आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत सफाई कर्मचारी काम करते हैं। आउटसोर्सिंग के तहत एजेंसी अनुबंध के अनुसार प्रतिदिन सफाई कर्मचारी नगर परिषद को मुहैया करवाती है। नप सूत्रों के अनुसार 40 कर्मचारियों का अनुबंध जून में खत्म हुआ था, जबकि 30 कर्मचारियों का अनुबंध 25 अगस्त को खत्म हुआ है। वहीं, दोबारा नौकरी को लेकर इन कर्मचारियों में भी असमंजस की स्थिति बनी है। जिनकी समयावधि पूरी हुई है, उनमें से 10 कर्मचारी नंदीशाला और 20 की नालों की सफाई करने की ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन

शहर में 1200 से अधिक हैं गलियां-सड़कें, वार्डों में कर्मचारियों की कमी
शहर में 1200 से अधिक गलियां और सड़कें हैं। शहर की आबादी 90 हजार पहुंच चुकी है। शहर के 60 प्रतिशत वार्डों की आबादी चार हजार से ज्यादा है और नियमानुसार इन वार्डों में 10 कर्मचारी होने चाहिए। इन वार्डों के लोगों के अनुसार सफाई व्यवस्था के लिए पूरे वार्ड में दो से तीन कर्मचारी ही पहुंच रहे हैं।
30 की मिल चुकी स्वीकृति, अभी नियुक्ति की तैयारी
नप सूत्रों के अनुसार आउटसोर्सिंग के तहत सफाई कर्मचारी हायर करने के लिए नगर परिषद अधिकारियों ने 40 और 30 कर्मचारियों की मांग संबंधी दो फाइलें भेजी थीं। डीएमसी ने 30 कर्मचारी हायर करने की फाइल को मंजूरी दे दी है, जबकि 40 कर्मचारी हायर करने की फाइल पर ऑब्जेक्शन लगाए गए हैं। नप सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने ऑब्जेेक्शन दूर करके फाइल दोबारा से स्वीकृति के लिए भेज दी है। स्वीकृति मिलने के बाद 30 कर्मचारियों की नियुक्ति की भी तैयारी हो गई है।
30 से ज्यादा कर्मचारी रहते हैं प्रतिदिन अवकाश पर
नगर परिषद में फिलहाल 172 कर्मचारी हैं, जबकि 40 की फाइल डीएमसी को भेजी गई है। इन कर्मचारियों को हायर करने की अनुमति मिलने के बाद सफाई कर्मचारियों की संख्या 210 हो जाएगी, जिसे नप अधिकारी शहर की आबादी के लिहाज से पर्याप्त मान रहे हैं। सूत्र बताते है कि 30 कर्मचारी तो प्रतिदिन किसी न किसी कारण से अवकाश पर ही रहते है।
नियमित कचरा उठान न होने से लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
- पिछले दो माह से कचरे का नियमित उठान नहीं हो रहा है। दुकान के सामने सड़क किनारे कचरे का ढेर लगा रहता है, जिसके चलते परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
गुलबहार, वार्ड 13 निवासी
- पहले कचरे का दिन में दो बार नियमित उठान होता था, लेकिन अब दो दिन में एक बार कचरा उठ रहा है। उठान देरी से होने के कारण सड़क पर ही कचरा फैला रहता है।
कृष्णलाल, पूर्ण मार्केट निवासी
आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत 30 कर्मचारी हायर करने की स्वीकृति डीएमसी ने हमें दे दी है। 40 कर्मचारियों की फाइल पर लगाई आपत्ति हटा कर हमने भेज दी है। जल्द ही उनकी स्वीकृति भी मिलने की संभावना है।
विज्ञापन

सुमनलता, ईओ, नगर परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें