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पिता की सर्विस रिवॉल्वर देख रिद्धम ने शूटिंग में रखा कदम, पांच साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत चुकीं नौ स्वर्ण पदक

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स्वर्ण पदक दिखातीं रिद्धम सांगवान। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। पुलिस विभाग में तैनात पिता नरेंद्र सांगवान की वर्दी और सर्विस रिवॉल्वर से प्रभावित होकर शूटिंग में कदम रखने वालीं गांव मेहड़ा निवासी रिद्धम सांगवान का फैसला सही साबित हुआ है। अब तक वो शूटिंग वर्ल्ड कप समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में नौ स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। हाल ही में जर्मनी में संपन्न हुए वर्ल्ड कप के जूनियर वर्ग में रिद्धम ने दो स्वर्ण पदक जीते हैं।
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दरअसल, मेहड़ा निवासी रिद्धम के पिता नरेंद्र सांगवान हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर हैं और फिलहाल उनकी तैनाती नारनौल में है। रिद्धम ने उनकी वर्दी और सर्विस रिवॉल्वर देखकर ही शूटिंग के क्षेत्र में जाने की सोची। पिता नरेंद्र के अनुसार, रिद्धम ने 2017 में सर्विस रिवॉल्वर चलाने की जिद कई बार की, लेकिन हर बार उन्होंने उसे समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी रिद्धम की जिद जारी रही तो उन्होंने उसे शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण दिलाने के लिए भेजना शुरू कर दिया। रिद्धम के प्रशिक्षण और मेहनत के जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे और अब तक यह बेटी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में 9 स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी है। फिलहाल रिद्धम परिवार के साथ फरीदाबाद रहती है, ताकि अभ्यास और कॅरिअर में कोई बाधा न आए।
हाल ही में जर्मनी के सुहल में आयोजित जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप में भारत के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए हैं। वर्ल्ड कप में रिद्धम सांगवान ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक जीते हैं, जिससे उनके पैतृक गांव मेहड़ा में खुशी की लहर है।
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- शौक पूरा करते हुए बनीं चैंपियन, ओलंपिक में गोल्ड लाना है लक्ष्य
पिस्टल चलाने का शौक पूरा करते हुए रिद्धम जूनियर स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने लगी। इसके बाद रिद्धम सीनियर वर्ग में भी पदक जीतने लगी। पिता नरेंद्र सांगवान ने बताया कि बेटी रिद्धम का लक्ष्य आगे चलकर भारत के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि रिद्धम ने पहली बार वर्ष 2017 में राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया था।
- ये है रिद्धम की अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां
- 2019 दोहा में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
- 2021 पेरू में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप की विभिन्न स्पर्धाओं में चार स्वर्ण पदक जीते।
- मिस्त्र में 2022 में आयोजित सीनियर वर्ल्ड कप में दो स्वर्ण पदक हासिल किए।
- हाल ही में जर्मनी में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में दो स्वर्ण पदक जीते।
ट्रेनिंग से लेकर स्पर्धाओं में मिला मां का पूरा साथ
पिता नरेंद्र सांगवान ड्यूटी के चलते व्यस्त रहते थे और इसके चलते रिद्धम की मां उनके साथ पहले ट्रेनिंग करवाने जाती थीं और इसके बाद वो टूर्नामेंट में भी जाने लगीं। नरेंद्र सांगवान ने बताया कि पत्नी के बेटी के साथ जाने पर पिता कालूराम और उनका बेटा घर पर अकेले रह जाते थे।
पढ़ाई में भी मेधावी है रिद्धम, बहन कर रही एमबीबीएस
रिद्धम सांगवान खेल के साथ पढ़ाई में भी मेधावी है। वो डीपीएस स्कूल में बारहवीं कक्षा की छात्रा है। रिद्धम की बड़ी बहन जेसिका एमबीबीएस कर रही है। रिद्धम का भाई एकलव्य भी स्कूली छात्र है।
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