चरखी दादरी। सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश की मंडियों में मंगलवार से सरसों की खरीद शुरू हो गई है। दादरी मंडी की बात करें तो पहले दिन सरसों के एक दाना की भी सरकारी खरीद नहीं हो पाई और इसका कारण पोर्टल पर पंजीकृत किसानों का मंडी न पहुंचना है। हालांकि खुली मंडी में कुछ किसानों ने मंगलवार को अपनी सरसों बेची।
मंडी में सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने के बाद उपायुक्त मनदीप कौर ने मंगलवार को एसडीएम नवीन कुमार को दादरी मंडी का दौरा करने भेजा। एसडीएम काफी देर तक मंडी में रुके और उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को भी दिशा-निर्देश दिए।
एसडीएम नवीन कुमार ने कहा कि किसानों को मंडी में फसल बिक्री के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खरीद के दौरान जिला में मंडियों में किसानों के समक्ष जैसे बिजली-पानी, शौचालय व टोकन आदि सहित अन्य किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए। निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप ही किसान मंडियों में अपनी फसल लेकर आएंगे। फसल खरीद के बाद मंडी से फसल का उठान भी साथ-साथ होना जरूरी है। खरीद के दौरान पर्याप्त संख्या में बारदाना भी होना चाहिए। यदि बारदाना कम है तो उसके बारे में उच्चाधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि फसल के उठान के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रांसपोर्टेशन भी होना चाहिए।
खुली मंडी में अब तक खरीदी जा चुकी 2600 क्विंटल सरसों
मंडी अधिकारियों की मानें तो मंगलवार को पोर्टल पर पंजीकृत एक भी किसान अपनी सरसों बेचने नहीं पहुंचा। हालांकि कुछ किसानों ने खुली मंडी में अपनी सरसों बेची। आढ़तियों की मानें तो खुली मंडी में करीब 2600 क्विंटल सरसों की खरीद ही अब तक हो पाई है।
1.60 लाख एकड़ है सरसों का बिजाई रकबा
दादरी जिले की बात करें तो इस साल सरसों का कुल बिजाई रकबा 1.60 लाख एकड़ है। हालांकि ओलावृष्टि का काफी असर सरसों की पैदावार पर पड़ा है और इसका असर कटाई के दौरान भी नजर आ रहा है।
सरसों खरीद की तैयारियां पूरी हैं। मंगलवार को पहले दिन पोर्टल पर पंजीकृत एक भी किसान अपनी सरसों लेकर नहीं पहुंचा और इसके चलते सरकारी खरीद नहीं हो पाई।
राजेश कुमार, सहायक मैनेजर, हैफेड
खरीद के मद्देनजर मंडी में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवा दी गई हैं। शेड लगवाने समेत कुछ काम बचे हैं, जिन्हें आवक के जोर पकड़ने से पहले पूरा करवा दिया जाएगा।
परमजीत नांदल, सचिव, मार्केट कमेटी