चरखी दादरी। सीवर-पेयजल समस्याओं से निजात दिलाने के लिए दिए आश्वासन पर प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग के खरा न उतरने से लोगाें में रोष है। इसको लेकर जन आंदोलन समिति और सामाजिक संगठनों ने रविवार को समीक्षा बैठक की। इसी कड़ी में अगले दो प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई है। बैठक में 18 के दादरी बंद के फैसले को स्थगित करते हुए 20 अगस्त को जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय को ताला लगाने का निर्णय लिया गया। इतना ही नहीं लोग शहर में प्रदर्शन करते हुए रोष मार्च निकालेंगे और जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय का घेराव करते हुए सीएम का पुतला भी जलाया जाएगा। इसके बाद के अगले प्रदर्शन की तिथि और समय भी साझा किया जाएगा।
जन आंदोलन समिति की बैठक रविवार शाम पांच बजे अग्रसेन धर्मशाला में हुई। बैठक की अध्यक्षता नगर व्यापार मंडल के कार्यकारी प्रधान रविंद्र गुप्ता ने की। बैठक में अनाज मंडी एसोसिएशन, मुख्य बाजार के व्यापारियों समेत गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में 20 अगस्त को जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय का घेराव और तालाबंदी समेत मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने का निर्णय लिया गया। प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग के आश्वासन पर खरा न उतरने से जन आंदोलन समिति ने नाराजगी जाहिर की। बैठक में मौजूद निवर्तमान पार्षदों ने भी सीवर-पेयजल संबंधी अव्यवस्थाओं पर रोष जाहिर किया। बता दें कि इससे पहले गत एक अगस्त को भी जन आंदोलन समिति ने शहर के मुख्य लाला लाजपतराय चौक पर बारिश की झड़ी में धरना दिया था और उस दौरान समस्याओं का समाधान न होने तक 18 को दादरी बंद रखने का एलान किया गया था। गत रविवार को आयोजित समीक्षा बैठक में दादरी बंद का निर्णय फिलहाल स्थगित किया गया है। समीक्षा बैठक में कुलदीप गांधी, महेश गुप्ता, एडवोकेट विक्रम, डॉ. बीएन वर्मा, राहुल मराठा, जयभगवान मस्ताना, अर्जुनलाल बजाज, राधेश्याम कानेजर, विष्णु कुमार, सतबीर गौड, सूबेदार मेजर कृष्ण कुमार, रमेश रोहिल्ला, कृष्ण लीला, नंदलाल ठुकराल, राजकुमार सैनी, विनोद गर्ग, सतीश बजाज, विरेंद्र सिंह, दीपक, योगेश लांबा, नत्थूराम फौगाट, संजय वशिष्ठ, सतबीर चौहान, मितेश, पंकज, राहुल शास्त्री, सुनील कुमार, पवन सांगवान, राजा गोदारा, आशिष चौहान, राजकुमार, आकाश, एसएन फौगाट, राजेश, सुनील कुमार, विनोद गर्ग आदि मौजूद रहे।
20 से अधिक जगहों पर भरा है दूषित पानी
जन आंदोलन संयोजक नितिन जांघू ने कहा अब तक प्रशासन और विभाग अपने आश्वासन पर खरा नहीं उतरा है। बेपटरी सीवर व्यवस्था के चलते शहर में बीस से अधिक जगहों पर अभी भी दूषित पानी भरा हुआ है। इसके अलावा अन्य मांगों को भी अब तक विभाग ने पूरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अग कोई कड़ा निर्णय लेना पड़ेगा। वहीं, नगर व्यापार मंडल के कार्यकारी प्रधान रविंद्र गुप्ता ने कहा कि शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति और सीवर संबंधी समस्याएं बरकरार हैं। अब तक विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
ये मांगें पूरी न होने से समिति पदाधिकारियों में रोष
अब तक जनस्वास्थ्य विभाग ने सुपर शकर मशीन खरीद की प्रक्रिया शुरू नहीं की है और इसकी खरीद के लिए गत एक अगस्त को 18 दिन का समय दिया गया था। इसके अलावा शहर के नालों के अभी तक कनेक्शन नहीं किए गए हैं और यहां से दूषित पानी की निकासी न होने की समस्या बरकरार है। इसी प्रकार पेयजल समस्याओं का भी अब तक समाधान नहीं हुआ है और शहर के 50 फीसदी वार्डों में अभी भी दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। सीवर लाइनों की सफाई भी नहीं करवाई गई है, जिसके चलते मुख्यमार्गों पर गलियों में मैनहोल बैक मार रहे हैं।
लाला लाजपतराय चौक से होगी प्रदर्शन की शुरुआत
शुक्रवार को प्रदर्शनकारी सुबह दस बजे लाला लाजपतराय चौक पर एकत्रित होंगे। इसके बाद यहां से प्रदर्शन करते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पहुंचेंगे। वहां जाकर वे कार्यालय का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री का पुतला फूंक कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा। वहीं, अगले प्रदर्शन का एलान किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार 20 के बाद जल्द ही दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।
वर्जन::
जन आंदोलन समिति विभाग के प्रयासों से संतुष्ट नहीं है और इसलिए 20 अगस्त को शहरवासियों को साथ लेकर हम जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय को ताला जड़कर मुख्यमंत्री का पुतला फूंक कर रोष जताएंगे। नगर व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने विचार-विमर्श के बाद दादरी बंद का फैसला अभी स्थगित कर दिया गया है।
नितिन जांघू, संयोजक, जन आंदोलन समिति
विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष जताते बैठक में भाग लेने वाले गण्यमान्य लोग।- फोटो : CharkhiDadri