चरखी दादरी। एक ओर देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है मगर जिले के लिए राहत की खबर है। आशंकित तीसरी लहर को देखते हुए आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की चार टीमों ने पिछले सात दिनों में 32 स्कूलों में जाकर 5600 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की और सैंपल लिए। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिससे सभी ने राहत की सांस ली है। वहीं स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों का कहना है कि बच्चों में भी एंटीबॉडी बन चुकी है और बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी पावर) काफी अधिक है। ऐसे में कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन ज्यादा नुकसान नहीं कर पाएगा।
जिले में इस समय कोरोना का कोई सक्रिय मामला नहीं है। कोरोना की पिछली दो लहरों में कई बच्चे संक्रमित हुए थे। अब देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है, जिसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने छह दिसंबर से स्कूल स्कूल जाकर विद्यार्थियों के सैंपल लेने की मुहिम शुरू की थी। इसके लिए चार टीमें गठित की गई हैं। एक टीम में चार सदस्य हैं, जिनमें एक पुरुष एएमओ, एक महिला एएमओ, एक फॉर्मासिस्ट और एक एएनएम है। एक टीम को प्रतिदिन 200 सैंपल लेने का लक्ष्य मिला हुआ है। पिछले सात दिनों में ये चार टीमें 32 स्कूलों का दौरा कर चुकी हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के नौ और ग्रामीण क्षेत्र के 23 स्कूल हैं। इन स्कूलों से अब तक 5500 विद्यार्थियों के कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
दस हजार विद्यार्थियों के सैंपल लेना लक्ष्य
डॉ. सोनिया जांगड़ा ने बताया कि कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. संदीप के मार्गदर्शन में अभी एक सप्ताह ओर विद्यार्थियों के सैंपल लिए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि करीब दस हजार विद्यार्थियों को इसके तहत कवर किया जाए। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से यह मुहिम चलाई जा रही है।
शहर में एक तो गांवों में तीन टीमें फील्ड में
कोरोना जांच के लिए स्कूली विद्यार्थियों के सैंपल लेने के लिए विभाग ने चार टीमों को फील्ड में उतारा है। शहर में एक और गांवों में तीन टीमें सैंपल लेने के कार्य में जुटी हैं। सैंपल लेने के कुछ देर बाद ही विद्यार्थी के अभिभावकों के मोबाइल पर इसका मैसेज भेज दिया जाता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसके बाद रिपोर्ट की भी जानकारी दी जा रही है।
दो लहरों में 327 विद्यार्थियों को हुआ था कोरोना
कोरोना की दो लहरों का अगर विद्यार्थियों पर असर देखें तो अन्य जगहों से काफी कम है। दो लहरों में 327 विद्यार्थी संक्रमित हुए और सभी ने कोरोना को मात दी। इनमें 129 छात्राएं और 198 छात्र शामिल थे।
बधवाना से लिए गए सभी सैंपलों की रिपोर्ट आई निगेटिव
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार बधवाना निवासी एक व्यक्ति गुरुग्राम के एक अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। जिला स्वास्थ्य विभाग को इसका पता चलते ही बधवाना गांव में टीमें भेजकर ग्रामीणों के सैंपल लिए गए। इन सभी सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
अभिभावक बोले : सैंपलिंग का निर्णय सही, हम साथ
शहर निवासी पुनीत, संदीप, मोंटू, पूजा, बालकिशन, सुखबीर, दीपचंद, कुसुम आदि अभिभावकों का कहना है कि कोरोना की आशंकित तीसरी लहर को देखते हुए विभाग का बच्चों के सैंपल लेने का निर्णय सही है। इससे अगर कोई इक्का दुक्का केस हुए, तो वो समय से पकड़ में आ जाएगा। सैंपलिंग का निर्णय के हम साथ हैं। अभिभावकों का कहना है कि सैंपल होने के बाद मैसेज भेजकर सूचित करना भी सही कदम है।
विभाग की चार टीमें स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों की सैंपलिंग कर रही है। अब तक करीब 32 स्कूल में जाकर 5500 विद्यार्थियों के सैंपल लिए गए हैं। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। यह मुहिम करीब एक सप्ताह और चलेगी।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ